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दुनिया

मिडिल ईस्ट की जंग में रूस की एंट्री? ईरान की रियल टाइम इंटेलिजेंस से ऐसे कर रहा मदद, अमेरिका की बढ़ी टेंशन

Middle East War: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग में ईरान का साथ रूस दे रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली हैं कि रूस रियल टाइम इंटेलिजेंस ईरान के साथ शेयर कर रहा है। इससे ईरान को अमेरिका के समुद्री जहाजों और लड़ाकू विमानों की लोकेशन मिल रही है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Mar 7, 2026 10:00
Middle East War
मध्य पूर्वमें छिड़ी जंग में रूस भी अप्रत्यक्ष रूप से कूद गया है।

Middle East War Update: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बुरी खबर है। अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध में ईरान का साथ रूस दे रहा है। प्रत्यक्ष रूप से तो नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से रूस खुफिया जानकारी देकर ईरान का समर्थन कर रहा है। ईरान को रूस समंदर में छिपे अमेरिका के जहाजों और आसमान में मंडरा रहे लड़ाकू विमानों की की लोकेशन बता रहा है, जिस वजह से ईरान को हमले करने के लिए टारगेट मिल रहे हैं।

सीधे नहीं अप्रत्यक्ष रूप से जंग से जुड़ा रूस

अमेरिका के रक्षा मंत्री हेगसेथ ने भी मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि ईरान युद्ध में रूस और चीन की कोई भूमिका नहीं है, यह बात गलत है। बल्कि रूस अप्रत्यक्ष रूप से जंग से जुड़ा हुआ है। वह अपने रणनीतिक सहयोगी ईरान को अमेरिका की सेना, जहाजों और युद्धपोतों से जुड़ी खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है। इन्हीं जानकारियों के आधार पर ईरान अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करके नुकसान पहुंचा रहा है। ईरान की अपनी खुफिया एजेंसी इतनी मजबूत नहीं है।

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पोर्ट शुएबा में कमांड सेंटर पर हमला किया

अमेरिकी रक्षा मंत्री के अनुसार, खुफिया जानकारी के बेस में ही रविवार को कुवैत में ईरान ने ड्रोन अटैक किया। हमले में 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 18 अन्य घायल हो गए। ड्रोन ने हवाई सुरक्षा को भेदते हुए पोर्ट शुएबा में एक कमांड सेंटर को निशाना बनाया था। अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ईरान सटीक हमले का रहा है। इतने सटीक हमले खुफिया जानकारी के बिना संभव नहीं हैं। ईरान मिसाइल और ड्रोन अटैक करके सीधे कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बना रहा।

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ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल स्टॉक खत्म

व्हाइट हाउस की स्पीकर अन्ना केली कहती हैं कि ईरान की खामेनेई सत्ता तबाह हो चुकी है। बैलिस्टिक मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो रहा है। नौसेना बर्बाद हो गई है और हथियार बनाने की क्षमता ध्वस्त हो रही है। रूस और चीन के साथ ईरानी संबंध काफी पुराने मजबूत हैं। इसलिए मॉस्को और बीजिंग ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि उन्हें इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है।

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ट्रंप की बिना शर्त आत्मसमर्पण की सलाह

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सलाह दी है कि वह बिना किसी शर्त के सरेंडर कर दे। ईरान के साथ बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट ऐसे समय में लिखी, जब इजरायल ने तेहरान और बेरूत में बमबारी करके तबाही मचाई। उन्होंने कहा कि अगर ईरान आत्मसमर्पण कर देता है तो अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान को आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर, मजबूत बनने में मदद करेगा।

First published on: Mar 07, 2026 07:07 AM

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