चीन-ईरान की 'सीक्रेट' डील? अमेरिका का बड़ा दावा- जंग के बीच तेहरान को चिप सप्लाई कर रहा है ड्रैगन

“युद्ध के मैदान में चीन की ‘चिप’ वाली चाल! अमेरिका ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया है कि चीन, ईरान को घातक हथियारों के लिए जरूरी सेमीकंडक्टर चिप्स की सप्लाई कर रहा है. क्या इस गुप्त डील से मिडिल ईस्ट की जंग में मचेगी और तबाही? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने चीन और ईरान के बीच ‘सीक्रेट’ डील का खुलासा किया है. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और विदेश विभाग की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉरपोरेशन (SMIC) ने पिछले कुछ महीनों में ईरान को चिप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की डिलीवरी तेज कर दी है. दावा है कि इन चिप्स का इस्तेमाल ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और आत्मघाती ड्रोन्स में कर रहा है. अमेरिका के ताजा दावों ने बीजिंग की उस रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे वह दुनिया के सामने ‘शांति की पहल’ बता रहा है. अमेरिका का कहना है कि जब एक तरफ दुनिया शांति की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर चीन के इस कदम से युद्ध और भड़क सकता है.

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पूर्व वरिष्ठ अधिकारी का सनसनीखेज दावा

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने सनसनीखेज दावा किया है कि चीन चुपचाप इस जंग में ईरान का सबसे बड़ा मददगार बना हुआ है. दावे के मुताबिक, चीन ने ईरान की सेना को केवल चिप ही नहीं, बल्कि ‘चिपमेकिंग टूल्स’ भी मुहैया कराए हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि चीन ने ईरान को वो ‘हुनर’ और ‘औजार’ दे दिए हैं, जिससे वह खुद अपने सैन्य उपकरणों के लिए एडवांस चिप्स तैयार कर सके. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इन चिप्स की मदद से अपने ड्रोन प्रोग्राम को और अधिक सटीक और खतरनाक बना रहा है, जिसका असर इजरायल और आसपास के संघर्ष क्षेत्रों पर सीधा पड़ेगा.

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सैन्य संबंधों के कारण पहले से है पाबंदी

अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, वॉशिंगटन ने SMIC पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. इसका मुख्य कारण इस कंपनी के चीनी सेना (PLA) के साथ गहरे और संदिग्ध संबंध होना है. तब चीन और खुद SMIC ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि उनका चीनी मिलिट्री से कोई लेना-देना नहीं है और वे पूरी तरह से एक स्वतंत्र कमर्शियल यूनिट हैं. अमेरिका का मानना है कि यह कंपनी नागरिक इस्तेमाल के नाम पर जो तकनीक विकसित करती है, उसका सीधा फायदा सेना को मिलता है. अब यही ‘सैन्य-तकनीकी’ गठजोड़ ईरान तक पहुंच चुका है. फिलहाल, चीन ने इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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