यदि आप आवश्यक दस्तावेजों के बिना ब्रिटेन जाना चाहते हैं तो आपको चेक इन काउंटर पर ही रोक लिया जाएगा. ब्रिटिश सरकार ने 85 देशों के यात्रियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा परमिट (ETA) अनिवार्य कर दिया है. 2023 में शुरू की गई ईटीए योजना के तहत, जिन यात्रियों को वीजा की आवश्यकता नहीं होती है, उन्हें पहले 16 पाउंड (करीब 1,800-2,000 रुपये) खर्च कर पूर्व ट्रैवल परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर मंजूरी लेनी होगी. यह नियम 85 देशों के नागरिकों पर लागू है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर जैसे कई विकसित देश शामिल हैं.
ब्रिटिश गृह मंत्रालय के अनुसार, यह कदम देश के इमीग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है. इससे सरकार को देश में आने वाले हर व्यक्ति की पहले से जानकारी होगी, जिससे सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सकेगा.
क्या है ETA योजना?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ETA योजना को 2023 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन अब तक इसकी सख्ती से पालना नहीं हो रही थी. अब UK सरकार ने इसे पूरी तरह अनिवार्य बना दिया है, जिन यात्रियों को ब्रिटेन जाने के लिए वीजा नहीं चाहिए, उन्हें ब्रिटेन आने से पहले 16 पाउंड खर्च कर पूर्व ट्रैवल परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर मंजूरी लेनी होगी. एक बार मंजूरी मिलने पर 6 महीने तक ब्रिटेन में रहने की अनुमति होगी. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, केवल सरकारी वेबसाइट पर आवेदन करें. योजना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन की सीमाओं को अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाना है.
अगर यात्री के पास ETA, eVisa या अन्य वैध दस्तावेज नहीं होगा, तो एयरलाइंस उन्हें बोर्डिंग नहीं करने देंगी. ब्रिटिश और आयरिश नागरिक और ब्रिटेन में रहने का अधिकार रखने वाले लोगों को इस नियम से छूट होगी.
क्या बोले माइग्रेशन मिनिस्टर माइक टैप?
माइग्रेशन मिनिस्टर माइक टैप ने कहा: ETA योजना हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह यात्रियों और ब्रिटिश जनता दोनों के लिए अधिक कुशल और आधुनिक सेवा सुनिश्चित करती है. यह बदलाव यूरोपीय संघ के नए एंट्री/एग्जिट सिस्टम (EES) के साथ आया है, जो ब्रेक्जिट के बाद UK नागरिकों के लिए भी सख्त हो रहा है. यात्रा करने से पहले ETA जरूर चेक कर लें, वरना प्लान बर्बाद हो सकता है.
यदि आप आवश्यक दस्तावेजों के बिना ब्रिटेन जाना चाहते हैं तो आपको चेक इन काउंटर पर ही रोक लिया जाएगा. ब्रिटिश सरकार ने 85 देशों के यात्रियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा परमिट (ETA) अनिवार्य कर दिया है. 2023 में शुरू की गई ईटीए योजना के तहत, जिन यात्रियों को वीजा की आवश्यकता नहीं होती है, उन्हें पहले 16 पाउंड (करीब 1,800-2,000 रुपये) खर्च कर पूर्व ट्रैवल परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर मंजूरी लेनी होगी. यह नियम 85 देशों के नागरिकों पर लागू है, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर जैसे कई विकसित देश शामिल हैं.
ब्रिटिश गृह मंत्रालय के अनुसार, यह कदम देश के इमीग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है. इससे सरकार को देश में आने वाले हर व्यक्ति की पहले से जानकारी होगी, जिससे सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सकेगा.
क्या है ETA योजना?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ETA योजना को 2023 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन अब तक इसकी सख्ती से पालना नहीं हो रही थी. अब UK सरकार ने इसे पूरी तरह अनिवार्य बना दिया है, जिन यात्रियों को ब्रिटेन जाने के लिए वीजा नहीं चाहिए, उन्हें ब्रिटेन आने से पहले 16 पाउंड खर्च कर पूर्व ट्रैवल परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर मंजूरी लेनी होगी. एक बार मंजूरी मिलने पर 6 महीने तक ब्रिटेन में रहने की अनुमति होगी. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, केवल सरकारी वेबसाइट पर आवेदन करें. योजना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन की सीमाओं को अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाना है.
अगर यात्री के पास ETA, eVisa या अन्य वैध दस्तावेज नहीं होगा, तो एयरलाइंस उन्हें बोर्डिंग नहीं करने देंगी. ब्रिटिश और आयरिश नागरिक और ब्रिटेन में रहने का अधिकार रखने वाले लोगों को इस नियम से छूट होगी.
क्या बोले माइग्रेशन मिनिस्टर माइक टैप?
माइग्रेशन मिनिस्टर माइक टैप ने कहा: ETA योजना हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह यात्रियों और ब्रिटिश जनता दोनों के लिए अधिक कुशल और आधुनिक सेवा सुनिश्चित करती है. यह बदलाव यूरोपीय संघ के नए एंट्री/एग्जिट सिस्टम (EES) के साथ आया है, जो ब्रेक्जिट के बाद UK नागरिकों के लिए भी सख्त हो रहा है. यात्रा करने से पहले ETA जरूर चेक कर लें, वरना प्लान बर्बाद हो सकता है.