---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рдЦреВрди рд╕реЗ рд╕рдиреА рд▓рд╛рд╢реЗрдВ, рддрдбрд╝рдк-рддрдбрд╝рдкрдХрд░ рдорд░рддреЗ рд▓реЛрдЧ рджреЗрдЦреЗ; Udham Singh рдиреЗ рдРрд╕реЗ рд▓рд┐рдпрд╛ рдЬрд▓тАНрд┐рдпрд╛рдВрд╡рд╛рд▓рд╛ рдмрд╛рдЧ рд╣рддреНтАНрдпрд╛рдХрд╛рдВрдб рдХрд╛ рдмрджрд▓рд╛

Shaheed Udham Singh Memoir: рд╢рд╣реАрдж рдКрдзрдо рд╕рд┐рдВрд╣ рд╕реЗ рдЖрдЬ рдХреА рддрд╛рд░реАрдЦ рдХрд╛ рдЦрд╛рд╕ рдХрдиреЗрдХреНрд╢рди рд╣реИред рдЙрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдЬрд▓рд┐рдпрд╛рдВрд╡рд╛рд▓рд╛ рдмрд╛рдЧ рд╣рддреНрдпрд╛рдХрд╛рдВрдб рдХрд╛ рдмрджрд▓рд╛ рд▓рд┐рдпрд╛ рдерд╛ред 1919 рдореЗрдВ рдирд░рд╕рдВрд╣рд╛рд░ рдХрд░рдиреЗ рд╡рд╛рд▓реЗ рдбрд╛рдпрд░ рдХреЛ 21 рд╕рд╛рд▓ рдмрд╛рдж рд▓рдВрджрди рдЬрд╛рдХрд░ рдореМрдд рдХреЗ рдШрд╛рдЯ рдЙрддрд╛рд░ рджрд┐рдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рдерд╛ рдФрд░ рдЗрд╕ рд╣рддреНрдпрд╛ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдКрдзрдо рд╕рд┐рдВрд╣ рдХреЛ рдореМрдд рдХреА рд╕рдЬрд╛ рд╕реБрдирд╛рдИ рдЧрдИ рдереАред рдЖрдЗрдП рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ рдХрд┐ рдмрджрд▓рд╛ рдХреИрд╕реЗ рд▓рд┐рдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рдерд╛?

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Shaheed Udham Singh Memoir: खून से सनी लाशें देखीं, लोगों को तड़प-तड़प कर मरते देखा, इतना नरसंहार देखकर सीने में बदले की आग धधकने लगी। करीब 21 साल तक बदला लेने के लिए तड़पते रहे और फिर एक दिन मौका मिला और बैठक में घुसकर उसके सीने में गोलियां दाग दी।

इस तरह शहीद ऊधम सिंह ने 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला 21 साल बाद तत्कालीन ब्रिटिश लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ डायर को मारकर लिया। वर्ष 1940 में आज ही के दिन शहीद ऊधम सिंह ने लंदन जाकर भरी सभी में डायर को गोलियों से छलनी कर दिया था।

---विज्ञापन---

 

हत्या के लिए ऊधम सिंह को हुई थी फांसी

13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में ओ डायर ने नरसंहार किया था। निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाई थीं। इस फायरिंग में करीब एक हजार लोग मारे गए थे। 2 हजार लोग गंभीर घायल हुए थे। उसी हत्याकांड का बदला शहीद ऊधम सिंह ने लिया और अपनी गिरफ्तारी दी।

---विज्ञापन---

इस मर्डर के लिए उन्हें ब्रिटिश सरकार ने फांसी की सजा सुनाई। 31 जुलाई 1940 को उन्हें लंदन की पेंटनविले जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया था। वहीं ऊधम सिंह को भारत में शहीद का दर्जा किया गया। ऊधम सिंह ने जिस पिस्तौल से डायर को गोलियां मारी थीं, वह किताब में छिपाकर लाए थे।

 

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---

कैसे लिखी मर्डर की स्क्रिप्ट और पहुंचे लंदन?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में जो नरसंहार हुआ था, वह शहीद ऊधम सिंह ने अपनी आंखों से देखा था। उस दिन ऊधम सिंह ने खून से सनी धरती की मिट्टी माथे से लगाकर बदला लेने का संकल्प लिया था। गोलियां चलाने का आदेश देने वाले पंजाब के तत्कालीन गवर्नर माइकल ओ डायर को मारने की कसम खाई थी। वे क्रांतिकारी बन गए थे।

साल 1927 में उन्हें जनरल डायर की बीमारी के चलते मौत होने की खबर मिली, लेकिन वे माइकल ओ डायर की हत्या करने का मौका तलाशने लगे। इसके लिए वे किसी तरह जुगाड़ लगाकर 1934 में लंदन पहुंचे। 9 एल्डर स्ट्रीट कमर्शियल रोड पर घर खरीदा। एक कार और 6 गोलियां वाली रिवॉल्वर खरीदी। साथ ही डायर को मारने का मौका तलाशने लगे। उसके घर का पता तक उन्होंने लगा लिया था। वे रोज उसका पीछा करते।

---विज्ञापन---

 

1947 में ऊधम सिंह के अवशेष भारत को मिले

13 मार्च 1940 को रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी की बैठक लंदन के कॉक्सटन हॉल में हुई। इस बैठक में डायर भी आया था। वे एक किताब लेकर बैठक में पहुंच गए। इस किताब में उन्होंने पेजों के बीच रिवॉल्वर छिपाई थी। इसके बाद जैसे ही डायर बोलने के लिए खड़ा हुआ, उन्होंने दीवार की सीध से उसके सीने में गोलियां उतार दी, लेकिन वे मौके से भागे नहीं।

---विज्ञापन---

उन्होंने गिरफ्तारी दी और उनके ऊपर डायर की हत्या का केस चला। 4 जून 1940 को ऊधम सिंह को डायर की हत्या का दोषी ठहराया गया। 31 जुलाई 1940 को पेंटनविले जेल में उन्हें फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया गया। 1974 में ब्रिटिश सरकार ने शहीद ऊधम सिंह के अवशेष भारतीयों को सौंपे।

First published on: Mar 13, 2024 10:40 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

рдЦреБрд╢рдмреВ рдЧреЛрдпрд▓ рдиреЗ рдХреБрд░реБрдХреНрд╖реЗрддреНрд░ рдпреВрдирд┐рд╡рд░реНрд╕рд┐рдЯреА рд╕реЗ рдкрддреНрд░рдХрд╛рд░рд┐рддрд╛ рдореЗрдВ рдкреЛрд╕реНрдЯ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди рдПрд╡рдВ рдПрдордлрд┐рд▓ рдХреЛрд░реНрд╕ рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИред 13 рд╕рд╛рд▓ рд╕реЗ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рдЗрдВрдбрд╕реНрдЯреНрд░реА рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реА рд╣реВрдВред рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ BAG Convergence Limited рдХреЗ рдорд╛рд▓тАНрд┐рдХрд╛рдирд╛ рд╣рдХ рд╡рд╛рд▓реЗ News 24 рд╣рд┐рдВрджреА рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рд╡рд┐рдВрдЧ рд╕реЗ рдмрддреМрд░ рдЪреАрдл рд╕рдм рдПрдбрд┐рдЯрд░ рдЬреБрдбрд╝реА рд╣реВрдВред рдЪреАрдл рд╕рдм рдПрдбрд┐рдЯрд░ рдХреА рднреВрдорд┐рдХрд╛ рдирд┐рднрд╛рддреЗ рд╣реБрдП рдпрд╣рд╛рдВ рдХреА рдХреЛрд░ рдЯреАрдо рдХрд╛ рд╣рд┐рд╕реНрд╕рд╛ рд╣реВрдВред рдиреЗрд╢рдирд▓, рдЗрдВрдЯрд░рдиреЗрд╢рдирд▓, рд░рд╛рдЬрдиреАрддрд┐, рдХреНрд░рд╛рдЗрдо, рдлреАрдЪрд░ рдЖрджрд┐ рдЯреЙрдкрд┐рдХ рдХрд╡рд░ рдХрд░рддреА рд╣реВрдВред рдШреВрдордиреЗ, рдЦрд╛рдиреЗ рдФрд░ рд╢реЙрдкрд┐рдВрдЧ рдХреА рд╢реМрдХреАрди рдЦреБрд╢рдмреВ рдХреЛ рдирдП рдЯреНрд░реЗрдВрдб, рдирдИ рдЬрдЧрд╣ рдФрд░ рдРрдбрд╡реЗрдВрдЪрд░ рдХреА рддрд▓рд╛рд╢ рд░рд╣рддреА рд╣реИред

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola