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कर्ज के बोझ तले दबी पाक‍िस्‍तान की सरकार, 50 साल बाद शुरू क‍िया शराब का निर्यात; क्या बच पाएगी डूबती अर्थव्यवस्था?

पाकिस्तान में 1977 तक शराब की बिक्री और सेवन सभी के लिए उपलब्ध था। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने कट्टरपंथी इस्लामिक दलों के दबाव में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

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Written By: Vandana Bharti Updated: May 5, 2026 17:19

कंगाल होने की कगार पर खड़ा पाकिस्तान अब विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) कमाने के लिए हर मुमकिन रास्ता अपना रहा है। इसी कड़ी में एक चौंकाने वाला फैसला सामने आया है। करीब पांच दशक (50 साल) के लंबे इंतज़ार के बाद, पाकिस्तान की सबसे पुरानी और एकमात्र स्थानीय शराब कंपनी मैरी ब्रुअरी (Murree Brewery) ने गैर-मुस्लिम देशों को शराब का निर्यात फिर से शुरू कर दिया है।

1977 का वो प्रतिबंध और अब की मजबूरी

पाकिस्तान में 1977 तक शराब की बिक्री और सेवन सभी के लिए उपलब्ध था। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने कट्टरपंथी इस्लामिक दलों के दबाव में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। तब से यह केवल गैर-मुस्लिम नागरिकों और विदेशियों के लिए ही सीमित मात्रा में उपलब्ध थी। लेकिन अब, साल 2025 में मिली सरकारी मंजूरी के बाद, पाकिस्तान ने अपनी इस पुरानी नीति को दरकिनार कर विदेशी बाजारों का रुख किया है।

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ब्रिटेन से जापान तक पहुंचेगी पाकिस्तानी बीयर
कंपनी के निर्यात प्रबंधक रमीज शाह के मुताबिक, इसी अप्रैल में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को मादक पेयों की खेप भेजी गई है। खास बात यह है कि निर्यात केवल उन देशों को किया जा रहा है जो इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) का हिस्सा नहीं हैं।

मैरी ब्रुअरी: अंग्रेजों के दौर की विरासत
इस कंपनी का इतिहास बेहद दिलचस्प है। इसकी स्थापना 1860 के दशक में ब्रिटिश उद्यमियों ने की थी ताकि हिल स्टेशनों पर तैनात अंग्रेज सैनिकों को बीयर की कमी न हो। 1947 में विभाजन से ठीक पहले इसे एक पारसी परिवार ने खरीद लिया था। वर्तमान में इसके प्रमुख इस्फनयार भंडारा हैं, जो पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी हैं।

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चीनी नागरिकों के लिए भी खुले थे दरवाजे
दिलचस्प बात यह है कि 2021 में पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान में एक चीनी कंपनी को भी शराब उत्पादन की अनुमति दी थी। इसका मकसद चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) में काम कर रहे हजारों चीनी नागरिकों की ‘ज़रूरतों’ को पूरा करना था।

विदेशी मुद्रा पर टिकी उम्मीदें
पाकिस्तान वर्तमान में भीषण आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहा है। मरी ब्रुअरी ने पिछले वित्त वर्ष में गैर-मादक उत्पादों (जूस, माल्ट आदि) से 10 करोड़ डॉलर की आय दर्ज की थी। अब कंपनी को उम्मीद है कि शराब के निर्यात से यह कमाई कई गुना बढ़ जाएगी और देश की अर्थव्यवस्था को थोड़ी ऑक्सीजन मिलेगी।

First published on: May 05, 2026 05:19 PM

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