अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से जंग की आहट आने लगी है. मिली जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे कार्गो शिप पर ईरानी हमले से ट्रंप प्रशासन बौखला गया है. ताजा कार्रवाई में अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया.
वहीं, स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुए नाजुक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के बाद यह अमेरिका की पहली प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, ये हमले उस समय हुए, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया था कि वॉशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के एक्शन का जवाब देने की तैयारी कर रहा है. पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, ट्रंप ने कहा था- आपको जल्द ही पता चल जाएगा.
U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की फोर्स ने 26 जून को ईरान के खिलाफ हमले किए. यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर कल हुए हमले के कड़े जवाब के तौर पर की गई है.
यह भी पढ़ें- ‘सीजफायर का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन…’, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान ने होर्मुज में जहाजों पर दागे 4 ड्रोन
सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने पर ईरान को नतीजे भुगतने होंगे: ट्रंप
सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने पर ईरान को क्या नतीजे भुगतने होंगे, इस बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं, 'आपको पता चल जाएगा. मुझे यह बात पसंद नहीं आया कि उन्होंने कल गोली चलाई, असल में चार बार. हमने तीन को मार गिराया. एक बहुत महंगे जहाज को थोड़ा नुकसान पहुंचा. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए.'
अमेरिका के लिए पछतावे का कारण बनेगा सीजफायर का उल्लंघन: ईरान
ईरान के सांसद और नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने ट्वीट किया, 'अमेरिका ने बातचीत के बीच एक बार फिर ईरान पर हमला किया. सीजफायर का यह लापरवाह उल्लंघन, हमेशा की तरह, उनके लिए पीछे हटने और पछतावे का कारण बनेगा.'
अमेरिका ने ईरान पर किए हमले
इसके कुछ ही मिनट बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर हवाई हमले किए हैं. CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी विमानों ने ईरान की मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और कोस्टल रडार साइट्स को निशाना बनाया.
वहीं, अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने 25 जून को सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज- M/V Ever Lovely पर ड्रोन से हमला किया था. यह शिप होर्मुज से बाहर निकलते समय ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर अटैक हुआ. अमेरिका ने ईरान की इस कार्रवाई को युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया था.
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से जंग की आहट आने लगी है. मिली जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे कार्गो शिप पर ईरानी हमले से ट्रंप प्रशासन बौखला गया है. ताजा कार्रवाई में अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया.
वहीं, स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुए नाजुक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के बाद यह अमेरिका की पहली प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, ये हमले उस समय हुए, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया था कि वॉशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के एक्शन का जवाब देने की तैयारी कर रहा है. पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, ट्रंप ने कहा था- आपको जल्द ही पता चल जाएगा.
U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की फोर्स ने 26 जून को ईरान के खिलाफ हमले किए. यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर कल हुए हमले के कड़े जवाब के तौर पर की गई है.
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सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने पर ईरान को नतीजे भुगतने होंगे: ट्रंप
सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने पर ईरान को क्या नतीजे भुगतने होंगे, इस बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं, ‘आपको पता चल जाएगा. मुझे यह बात पसंद नहीं आया कि उन्होंने कल गोली चलाई, असल में चार बार. हमने तीन को मार गिराया. एक बहुत महंगे जहाज को थोड़ा नुकसान पहुंचा. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए.’
अमेरिका के लिए पछतावे का कारण बनेगा सीजफायर का उल्लंघन: ईरान
ईरान के सांसद और नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने ट्वीट किया, ‘अमेरिका ने बातचीत के बीच एक बार फिर ईरान पर हमला किया. सीजफायर का यह लापरवाह उल्लंघन, हमेशा की तरह, उनके लिए पीछे हटने और पछतावे का कारण बनेगा.’
अमेरिका ने ईरान पर किए हमले
इसके कुछ ही मिनट बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर हवाई हमले किए हैं. CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी विमानों ने ईरान की मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और कोस्टल रडार साइट्स को निशाना बनाया.
वहीं, अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने 25 जून को सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज- M/V Ever Lovely पर ड्रोन से हमला किया था. यह शिप होर्मुज से बाहर निकलते समय ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर अटैक हुआ. अमेरिका ने ईरान की इस कार्रवाई को युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया था.