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वेनेजुएला में भ्रष्टाचार ने भूकंप की तबाही को बनाया और भी डरावना, रेस्क्यू ऑपरेशन पर उठे सवाल

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद सामने आई रिपोर्टों ने राहत और बचाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सालों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, कमजोर निर्माण व्यवस्था और बदहाल सरकारी सिस्टम ने भूकंप को और भी विनाशकारी बना दिया. कई इलाकों में राहत पहुंचने में देरी हुई, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं.

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वेनेजुएला में हाल ही में आए भीषण भूकंप ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. हजारों लोग प्रभावित हुए, सैकड़ों इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ भूकंप की तीव्रता ही इतनी तबाही का कारण नहीं बनी, बल्कि सालों से फैले भ्रष्टाचार और कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था ने इस आपदा को और ज्यादा भयावह बना दिया. रिपोर्टों के मुताबिक, वेनेजुएला में लंबे समय से सार्वजनिक ढांचे के रखरखाव पर सही ध्यान नहीं दिया गया. कई सरकारी इमारतें, सड़कें और पुल पहले से ही जर्जर हालत में थे. निर्माण कार्यों में क्वालिटी की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप पहले भी लगते रहे हैं. ऐसे में तेज झटकों ने इन कमजोर इमारतों को पलभर में ढहा दिया.

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क्यों खतरनाक हुआ भूकंप?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन नियमों का सही तरीके से पालन किया गया होता और भ्रष्टाचार पर कंट्रोल होता, तो जान-माल का नुकसान काफी कम हो सकता था. कई इलाकों में राहत सामग्री और बचाव दल समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे मलबे में फंसे लोगों को निकालने में देरी हुई. भूकंप के बाद सरकार ने इमरजेंसी की घोषणा कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किए, लेकिन स्थानीय लोगों ने दावा किया कि शुरुआती घंटों में उन्हें जरूरी सरकारी सहायता नहीं मिली. कई नागरिक अपने स्तर पर ही मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश करते दिखाई दिए. बाद में कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अपनी टीमें भेजीं.

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

विश्लेषकों का कहना है कि वेनेजुएला पहले से आर्थिक संकट, कमजोर स्वास्थ्य सेवाओं और खराब बुनियादी ढांचे से जूझ रहा था. ऐसे में भूकंप जैसी बड़ी प्राकृतिक आपदा का असर कई गुना बढ़ गया. उनका मानना है कि सिर्फ राहत कार्य ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पारदर्शी प्रशासन, मजबूत निर्माण व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण बेहद जरूरी है. फिलहाल बचाव अभियान लगातार जारी है. राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में भोजन, दवाइयां और बाकी जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं.

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First published on: Jun 26, 2026 10:34 PM

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