आखिर कितना बड़ा है अमेजन जंगल? आज भी कौन लोग रहते हैं यहां… वैज्ञानिक भी अंजान

दुनिया का सबसे बड़ा रेन फॉरेस्ट अमेजन आज भी कई रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए है. यहां सैकड़ों आदिवासी समुदाय रहते हैं, जिनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने आज तक आधुनिक दुनिया से कोई संपर्क नहीं किया है. आइए जानते हैं अमेजन जंगल से जुड़े सबसे रोचक तथ्य.

Amazon Rain Forest

Credit: AI

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दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे रहस्यमयी जंगल अमेजन रेनफॉरेस्ट (Amazon Rainforest) आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बना हुआ है. ये जंगल इतना विशाल है कि इसका पूरा हिस्सा अब तक पूरी तरह नहीं खोजा जा सका है. यहां हजारों तरह के जीव-जंतु, लाखों पौधों की प्रजातियां और कई ऐसे आदिवासी समुदाय रहते हैं, जिन्होंने मॉडर्न दुनिया से दूरी बनाए रखी है. अमेजन रेनफॉरेस्ट करीब 55 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. ये दक्षिण अमेरिका के ब्राजील, पेरू, कोलंबिया, वेनेजुएला, इक्वाडोर, बोलिविया, गुयाना, सूरीनाम और फ्रेंच गयाना समेत नौ देशों में फैला है. इसका लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा ब्राजील में मौजूद है. इसे पृथ्वी के “फेफड़े” भी कहा जाता है क्योंकि यह बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन उत्पादन और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

यहां आज भी रहते हैं आदिवासी

अमेजन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां आज भी कई अनकॉन्टैक्टेड ट्राइब्स (Uncontacted Tribes) रहती हैं. इन समुदायों ने कभी भी आधुनिक सभ्यता से संपर्क नहीं किया. वो शिकार, मछली पकड़ने और जंगल से मिलने वाले फल-फूल पर अपना जीवन बिताते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाहरी लोगों के संपर्क में आने से इन समुदायों को नई बीमारियों का खतरा हो सकता है, इसलिए कई देशों की सरकारें इनके इलाकों की सुरक्षा करती हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अमेजन के कई हिस्से इतने घने और दुर्गम हैं कि वहां पहुंचना बेहद कठिन है. मॉडर्न तकनीक, सैटेलाइट और ड्रोन की मदद से लगातार नए इलाके और नई प्रजातियों की जानकारी मिल रही है. माना जाता है कि यहां अभी भी हजारों ऐसी वनस्पतियां और जीव मौजूद हैं जिनकी खोज बाकी है.

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बायो डायवर्सिटी का खजाना

अमेजन दुनिया के सबसे समृद्ध बायो डायवर्सिटी वाले इलाकों में गिना जाता है. यहां लाखों कीट-पतंगे, हजारों पक्षी, सैकड़ों मैमल्स और रेपटाइल्स की प्रजातियां रहती हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, पृथ्वी पर मौजूद कई औषधीय पौधों का स्रोत भी यही जंगल है. पिछले कुछ सालों में अमेजन जंगल पर अवैध कटाई, खनन और जंगलों में लगने वाली आग का खतरा लगातार बढ़ा है. पर्यावरण एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस जंगल की रक्षा नहीं की गई तो यहां रहने वाले दुर्लभ जीव-जंतु और अलग-थलग रहने वाले आदिवासी समुदाय भी खतरे में पड़ सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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