Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

ईरान जंग के बीच बड़ी राहत, 49 दिन बाद खुला होर्मुज स्ट्रेट, भारत के लिए गुड न्यूज

ईरान-इजरायल जंग के बीच बड़ी खबर! 49 दिनों बाद खुला 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', विदेश मंत्री अराघची का ऐलान, कमर्शियल जहाज अब गुजर सकेंगे. क्या अब सस्ते होंगे पेट्रोल और रसोई गैस के दाम? जानिए भारत और दुनिया के लिए क्यों अहम है ईरान का यह बड़ा फैसला.

Author
Edited By : Vijay Jain Updated: Apr 17, 2026 20:16
iran reopens strait of hormuz after 49 days war impact india oil prices

ईरान जंग से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आई है. ईरान ने आखिरकार होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि लेबनान में हुए सीजफायर के बाद अब व्यापारिक जहाज इस रास्ते से सुरक्षित गुजर सकेंगे. 28 फरवरी 2026 को इजरायल-अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया था. उसी दिन से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई थी. कुछ दिन बाद ईरान ने इसे पूरी तरह बंद कर दिया था. आज ठीक 49 दिन बाद ईरान ने इसे फिर से खोल दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसकी आधिकारिक घोषणा की.

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्या लिखा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुरूप होर्मुज स्ट्रेट से सभी वाणिज्यिक जहाज़ों के गुज़रने का मार्ग, संघर्ष-विराम की शेष अवधि के लिए, पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है.” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यह मार्ग ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले से घोषित समन्वित मार्ग पर ही स्थित है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी की पुष्टि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस खबर की पुष्टि की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को हर तरह के जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने इसे व्यापार और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार बताया, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक अमेरिका के साथ उनकी ‘डील’ 100% पूरी नहीं हो जाती.

---विज्ञापन---

भारत के लिए क्यों है यह ‘गुड न्यूज’?

होर्मुज स्ट्रेट का खुलना भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी तीन बड़ी वजहें हैं:

  • क्या सस्ती होगी रसोई गैस : भारत अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में एलपीजी कतर और खाड़ी देशों से इसी रास्ते के जरिए मंगाता है. मार्ग बंद होने से देश में गैस की किल्लत पैदा हो गई थी.
  • पेट्रोल-डीजल की कीमतें: भारत अपनी जरूरत का करीब 85% तेल आयात करता है, जिसमें से 60% से ज्यादा इसी रास्ते से आता है. इस मार्ग के खुलने से कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई बढ़ेगी, जिससे आम आदमी को महंगाई से राहत मिल सकती है.
  • ऊर्जा सुरक्षा: भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है. होर्मुज के बंद रहने से भारत को महंगे आयात बिल और मुद्रास्फीति का सामना करना पड़ रहा था.

दुनिया का ‘इकोनॉमिक चोक प्वाइंट’ है होर्मुज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. हर दिन यहां से करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 21% हिस्सा है. शुक्रवार को मार्ग खुलने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

First published on: Apr 17, 2026 08:16 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.