ईरान जंग से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आई है. ईरान ने आखिरकार होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि लेबनान में हुए सीजफायर के बाद अब व्यापारिक जहाज इस रास्ते से सुरक्षित गुजर सकेंगे. 28 फरवरी 2026 को इजरायल-अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया था. उसी दिन से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई थी. कुछ दिन बाद ईरान ने इसे पूरी तरह बंद कर दिया था. आज ठीक 49 दिन बाद ईरान ने इसे फिर से खोल दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसकी आधिकारिक घोषणा की.
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्या लिखा?
In line with the ceasefire in Lebanon, the passage for all commercial vessels through Strait of Hormuz is declared completely open for the remaining period of ceasefire, on the coordinated route as already announced by Ports and Maritime Organisation of the Islamic Rep. of Iran.
---विज्ञापन---— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 17, 2026
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुरूप होर्मुज स्ट्रेट से सभी वाणिज्यिक जहाज़ों के गुज़रने का मार्ग, संघर्ष-विराम की शेष अवधि के लिए, पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है.” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यह मार्ग ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले से घोषित समन्वित मार्ग पर ही स्थित है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी की पुष्टि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस खबर की पुष्टि की है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को हर तरह के जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने इसे व्यापार और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार बताया, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक अमेरिका के साथ उनकी ‘डील’ 100% पूरी नहीं हो जाती.
भारत के लिए क्यों है यह ‘गुड न्यूज’?
होर्मुज स्ट्रेट का खुलना भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी तीन बड़ी वजहें हैं:
- क्या सस्ती होगी रसोई गैस : भारत अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में एलपीजी कतर और खाड़ी देशों से इसी रास्ते के जरिए मंगाता है. मार्ग बंद होने से देश में गैस की किल्लत पैदा हो गई थी.
- पेट्रोल-डीजल की कीमतें: भारत अपनी जरूरत का करीब 85% तेल आयात करता है, जिसमें से 60% से ज्यादा इसी रास्ते से आता है. इस मार्ग के खुलने से कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई बढ़ेगी, जिससे आम आदमी को महंगाई से राहत मिल सकती है.
- ऊर्जा सुरक्षा: भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है. होर्मुज के बंद रहने से भारत को महंगे आयात बिल और मुद्रास्फीति का सामना करना पड़ रहा था.
दुनिया का ‘इकोनॉमिक चोक प्वाइंट’ है होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. हर दिन यहां से करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 21% हिस्सा है. शुक्रवार को मार्ग खुलने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.










