Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते का बचाव करते हुए इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने का सबसे प्रैक्टिकल रास्ता बताया है. रविवार, 23 अगस्त 2026 को बोलते हुए, पेजेशकियान ने इस बात को खारिज कर दिया कि ये समझौता सरेंडर जैसा है और कहा कि ईरान अपने सुप्रीम लीडर की तरफ तय की गई नीतियों का पालन करना जारी रखेगा.
60 दिनों की डेडलाइन खत्म
जून 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से साइन किए गए मेमोरेंडम में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संघर्ष को खत्म करने और आपसी समझ बनाने की दिशा में काम करने के लिए 60 दिन की डेडलाइन तय की गई थी. वो समय-सीमा अब बिना किसी ठोस नतीजे के बीत चुकी है, खासकर रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के मामले में.
ईरान को आर्थिक नुकसान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही ‘न युद्ध, न शांति’ के हालात इंवेस्टमेंट को डिस्करेज करके ईरान की इकॉनमी को भी नुकसान पहुंचा रही है. देश अभी भी प्रतिबंधों और नौसैनिक नाकेबंदी के असर का सामना कर रहा है.
गाजा में हमले में बच्चे की मौत
ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच गाजा के जवाइदा में एक घर पर हुए इजराइली हवाई हमले में 4 साल के बच्चे मोहम्मद ताहा की मौत हो गई. खबरों के मुताबिक कम से कम 5 अन्य लोग घायल हुए. ये घटना लोकल लोगों को जहब खाली करने की चेतावनी मिलने के कुछ ही समय बाद हुई. इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने अलग से सेना को आदेश दिया कि वो गाजा से इजरायली बस्तियों की ओर छोड़े जाने वाले गुब्बारों, पतंगों और ड्रोन्स के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें. कमजोर सीजफायर के बावजूद हिंसा जारी है. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों की रिपोर्ट है कि पिछले कुछ सालों के संघर्ष के दौरान 73,400 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि संघर्ष-विराम शुरू होने के बाद से बार-बार झड़पें और इजरायली हमले जारी हैं.