Iran Israel War Update: इजरायल ने ईरान पर 5 दिन में 5000 बम गिराने का दावा किया है। 5 दिन के हमले में जहां ईरान में भयंकर तबाही मची है, वहीं करीब 1000 लोगों की मौत होने की खबर भी है। इजरायली डिफेंस फोर्स के अनुसार, इजरायल का मकसद ईरान की राजधानी तेहरान पर कब्जा करना है। इसलिए हमलों का केंद्र राजधानी तेहरान और इसके आस-पास के इलाके रहे। करीब 5000 बम गिराए जा चुके हैं और टारगेट पूरा होने तक बमबारी करते रहेंगे।।
इजरायल का मकसद ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को तबाह करना है। अमेरिका का मकसद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु ठिकानों को तबाह करना है।
सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी
इजरायली एयरफोर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपडेट जारी करते हुए कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं. पोस्ट में कहा गया कि इन ऑपरेशन्स में बड़ी संख्या में हथियारों का इस्तेमाल किया गया और कई रणनीतिक टारगेट्स को निशाना बनाया गया.
ईरान की तरफ से मिसाइल दागे जाने का दावा
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने यह भी कहा है कि कुछ समय पहले ईरान की तरफ से इजरायल की ओर मिसाइलें दागी गईं. इसके बाद इजरायल के डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए और उन्हें रोकने की कोशिश की गई. बताया गया कि संभावित खतरे को देखते हुए लोगों को कुछ समय के लिए शेल्टर में रहने की सलाह दी गई थी, हालांकि बाद में इस चेतावनी को हटा लिया गया.
तेजी से बढ़ रहा है युद्ध का खतरा
मिडिल ईस्ट में इस समय हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कई जगह जवाबी कार्रवाई की है. इससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष के और बढ़ने का खतरा बना हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन में सैकड़ों टारगेट्स पर हमले किए गए हैं और ईरान के सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया जा रहा है. हालांकि इन दावों का इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन मुश्किल है और दोनों देशों की तरफ से लगातार अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. लगातार अटैक के वीडियोज भी वायरल हो रहे हैं. इसमें असली नकली का पहचान भी मुश्किल हो रहा है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बढ़ते तनाव पर टिकी हुई है.
ईरान में अब तक 1000 से ज्यादा मौतें
ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका‑इज़रायल के संयुक्त हमलों में ईरान में कम से कम 1045 लोगों की मौत हुई है. ईरान रेड क्रेसेंट ने बताया कि हमलों ने 130 से अधिक शहरों और आवासीय इलाकों को प्रभावित किया, जबकि कई रिपोर्ट्स में दर्जनों स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी इमारतों पर भी हमले की जानकारी दी गई है. इनमें सबसे भयावह घटना दक्षिणी शहर मीनाब के एक गर्ल्स स्कूल पर हमला था, जहां 160 से अधिक स्कूली छात्राओं और स्टाफ की जान गई.
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