'महायुद्ध' के बीच ईरान को तगड़ा झटका'; अमेरिकी सीनेट ने खारिज कया युद्ध को रोकने का प्रस्ताव, जानें किसने क्या था पेश?

Iran Israel-US War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी रहेंगे। क्योंकि अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर हमले रोकने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिला है, जबकि प्रस्ताव डेमोक्रेट्स की ओर से पेश किया गया था।

donald trump, mojtaba khamenei

अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमले कर रहे हैं।

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US-Israel Iran War: अमेरिका और इजरायल के हमले के बीच ईरान को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि अमेरिका की सीनेट ने ईरान पर हमले रोकने के लिए पेश किया गया प्रस्ताव खारिज कर दिया है। डेमोक्रेट टिम केन और रिपब्लिकन रैंड पॉल द्वारा यह प्रस्ताव पेश किया गया था, लेकिन कांग्रेस के ऊपरी सदन में 53-47 के अंतर से प्रस्ताव रिजेक्ट हो गया। डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिक पार्टी को बहुमत मिला। इसलिए ईरान पर अमेरिका के हमले अभी जारी रहेंगे।

1973 के कानून के तहत पेश हुआ था प्रस्ताव

बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर सैन्य हमले जारी रखने की अनुमति दे दी है। बुधवार को वॉर पॉवर्स रिजोल्यूशन 1973 के तहत राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर हमले रोकने के लिए बाध्य करने का प्रयास 52 के मुकाबले 48 वोटों से विफल हो गया। ट्रंप ने X पर लिखा कि सीनेट का फैसला अमेरिका की सुरक्षा को मजबूत करता है। ईरान को शांति का संदेश मिल चुका है। वहीं विपक्षी नेता Chuck Schumer ने हमलों को ‘संवैधानिक संकट’ बताया।

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US सीनेट में सुनवाई के दौरान हुई मारपीट

वहीं अमेरिकी सीनेट की सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी की सुनवाई के दौरान घटी एक घटना ने ईरान पर हमले के ट्रंप के फैसले और अमेरिकी सैन्य नीति पर बहस को और तेज कर दिया है। बुधवार को कमेटी की सुनवाई चल रही थी कि तभी पूर्व सैनिक Sgt. Brian McGuinness ने कहा कि वे नहीं चाहते कि अमेरिका सिर्फ इजरायल के फायदे के लिए ईरान के साथ युद्ध लड़े।उनके प्रतिवाद का विरोध करते हुए पुलिस जब उन्हें कमरे से ले जा रही थी तो हाथपाई हो गई।

ईरान पर हमले को असंवैधानिक बताया गया

विवाद में पूर्व सैनिक और रिपब्लिकन सीनेटर टिम शिहे भी कूद पड़े और उन पर Sgt. Brian McGuinness की बाहें मरोड़ने का आरोप लगा। वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हवाई हमले का आदेश देते समय कांग्रेस की मंजूरी को दरकिनार किया। इसलिए उनके द्वारा किए गए हमले असंवैधानिक हैं। अमेरिका को ईरान से तत्काल कोई खतरा भी नहीं था, जिससे बचाव के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को हमला करने का आदेश देना पड़ा हो।

जंग में इजरायल-अमेरिका की स्थिति मजबूत

दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका और इजरायल मजबूत स्थिति हैं। दोनों अपने टारगेट पूरे करने के करीब पहुंच गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अमेरिका ने ढेर कर दिया है। उनका संभावित उत्तराधिकारी भी निशाने पर है। तेहरान में बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडार को तबाह किया जा रहा है। युद्ध के मोर्चे पर हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इसमें से वे खुद को 10 में से 15 नंबर देते हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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