Pakistan News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर पर सवाल उठ रहे हैं। संसद में आतंकी हमले पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दोनों पर कठघरे में खड़ा किया और कहा कि पाकिस्तान इस समय भारत, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान के बीच फंसा है। राजनीतिक हितों और सत्ता पाने के लिए इनसे जंग लड़ी जा रही है।
देश को युद्ध की आग में धकेलने के आरोप लगाए
इस्लामाबाद में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार और सेना दोनों ही विपक्ष के टारगेट पर हैं। बीते दिन संसद में सरकार और सेना पर सवाल उठाते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि देश के भले के लिए जंग कोई नहीं लड़ता, बल्कि अपने मतलब के लिए और सत्ता पाने के लिए लोग देश और लोगों को युद्ध की आग में झोंक देते हैं। इसलिए अफगानिस्तान, भारत और बलूचिस्तान को आए दिन धमकियों पर धमकियां दी जा रही हैं।
रक्षा मंत्री विपक्षी नेता अचकजई के बयान पर भड़के
नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता महमूद खान अचकजई ने कहा कि पाकिस्तान की सेना सिर्फ 4 जिलों की ही सेना है, लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान देश इस समय 3 देशों के साथ युद्ध में फंसा हुआ है और युद्ध राजनीतिक हितों के लिए लड़ा जा रहा है। कोई कहे कि देश के लिए युद्ध लड़ा जा रहा है तो वह गलत है। पिछले 60-70 साल में जितने भी युद्ध लड़े गए हैं, उनमें से किसी भी युद्ध के लिए कोई मूलभूत सिद्धांत नहीं अपनाया गया।
अचकजई पर लगे सेना को बदनाम करने के आरोप
रक्षा मंत्री ने कहा कि बलूचिस्तान से पंजाबी लोगों को पहचान पत्र देखते ही गोली मार दी जाती है, तब तो कोई आवाज बुलंद नहीं करता। प्रांतीय भेदभाव में विश्वास नहीं करता हूं, लेकिन अचकजई पाकिस्तानी सेना को लेकर जो कह रह हैं, उस पर मुझे आपत्ति है। विपक्षी नेता ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है और राष्ट्रीय संस्था को बदनाम करने की कोशिश की है, जबकि वह पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती है। पाकिस्तान देश अब उन जवानों कर्जदार है, जिन्होंने सत्ता के लिए लड़े गए युद्ध में अपनी जान गंवा दी।
पाकिस्तानी सेना में किस राज्य के कितने प्रतिशत जवान?
बता दें कि साल 2023 की जनगणना के अनुसार, पाकिस्तान की सेना में पंजाब से 51.1 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा से 16.28 प्रतिशत, सिंध से 20.52 प्रतिशत, बलूचिस्तान से 6.04 प्रतिशत, आजाद जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से 2.54 प्रतिशत और अल्पसंख्यकों से 3.52 प्रतिशत जवान हैं।
Pakistan News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर पर सवाल उठ रहे हैं। संसद में आतंकी हमले पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दोनों पर कठघरे में खड़ा किया और कहा कि पाकिस्तान इस समय भारत, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान के बीच फंसा है। राजनीतिक हितों और सत्ता पाने के लिए इनसे जंग लड़ी जा रही है।
देश को युद्ध की आग में धकेलने के आरोप लगाए
इस्लामाबाद में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार और सेना दोनों ही विपक्ष के टारगेट पर हैं। बीते दिन संसद में सरकार और सेना पर सवाल उठाते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि देश के भले के लिए जंग कोई नहीं लड़ता, बल्कि अपने मतलब के लिए और सत्ता पाने के लिए लोग देश और लोगों को युद्ध की आग में झोंक देते हैं। इसलिए अफगानिस्तान, भारत और बलूचिस्तान को आए दिन धमकियों पर धमकियां दी जा रही हैं।
रक्षा मंत्री विपक्षी नेता अचकजई के बयान पर भड़के
नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता महमूद खान अचकजई ने कहा कि पाकिस्तान की सेना सिर्फ 4 जिलों की ही सेना है, लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान देश इस समय 3 देशों के साथ युद्ध में फंसा हुआ है और युद्ध राजनीतिक हितों के लिए लड़ा जा रहा है। कोई कहे कि देश के लिए युद्ध लड़ा जा रहा है तो वह गलत है। पिछले 60-70 साल में जितने भी युद्ध लड़े गए हैं, उनमें से किसी भी युद्ध के लिए कोई मूलभूत सिद्धांत नहीं अपनाया गया।
अचकजई पर लगे सेना को बदनाम करने के आरोप
रक्षा मंत्री ने कहा कि बलूचिस्तान से पंजाबी लोगों को पहचान पत्र देखते ही गोली मार दी जाती है, तब तो कोई आवाज बुलंद नहीं करता। प्रांतीय भेदभाव में विश्वास नहीं करता हूं, लेकिन अचकजई पाकिस्तानी सेना को लेकर जो कह रह हैं, उस पर मुझे आपत्ति है। विपक्षी नेता ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है और राष्ट्रीय संस्था को बदनाम करने की कोशिश की है, जबकि वह पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती है। पाकिस्तान देश अब उन जवानों कर्जदार है, जिन्होंने सत्ता के लिए लड़े गए युद्ध में अपनी जान गंवा दी।
पाकिस्तानी सेना में किस राज्य के कितने प्रतिशत जवान?
बता दें कि साल 2023 की जनगणना के अनुसार, पाकिस्तान की सेना में पंजाब से 51.1 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा से 16.28 प्रतिशत, सिंध से 20.52 प्रतिशत, बलूचिस्तान से 6.04 प्रतिशत, आजाद जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से 2.54 प्रतिशत और अल्पसंख्यकों से 3.52 प्रतिशत जवान हैं।