मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरानी नौसेना का फ्रिगेट Dena हमला करके डुबो दिया. जहाज पर सवार 32 गंभीर रूप से घायल नाविकों को बचाया गया है. जहाज भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू – मिलन 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल होकर लौट रहा था.
मिलन 2026 भारतीय नौसेना द्वारा बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया था – इसमें दर्जनों देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था.
घटना की पुष्टि ईरानी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेकारची ने की है – जिन्होंने अमेरिकी पनडुब्बी को जिम्मेदार ठहराया.
अमेरिका रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने पुष्टि की है कि अमेरिका एक पनडुब्बी ने श्रीलंकाई तट के पास ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया है. साथ ही बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ये पहली बार है कि जब किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया गया है.
जहाज पर करीब 180 चालक दल के सदस्य सवार थे. श्रीलंकाई नौसेना ने अब तक 32 लोगों को रेस्क्यू किया है, जबकि 28 शव बरामद किए गए हैं. करीब 100 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
हेगसेथ ने ये भी कहा कि अमेरिकी सेना अब केवल तटों या समुद्र तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि ईरान के भीतर जमीनी ठिकानों पर हमले करेगी ताकि ईरान के सैन्य ढांचे, नेतृत्व और मिसाइल अड्डों को पूरी तरह तबाह किया जा सके.