ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2023 की लिस्ट जारी, टॉप पर स्विट्जरलैंड; ये रही भारत की रैंकिंग
Edited By Balraj Singh

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नई दिल्ली: भारतीयों की नई सोच की दुनिया में तारीफ हो रही है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की तरफ से जारी ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2023 में देश ने 40वां स्थान बरकरार रखा है। इस पर प्रतिक्रियास्वरूप नीति आयोग ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा है, ‘GII रैंकिंग में लगातार सुधार विशाल ज्ञान पूंजी, जीवंत स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र और सार्वजनिक और निजी अनुसंधान संगठनों द्वारा किए गए अद्भुत काम के कारण है’। इसी के साथ एक और बड़ी बात यह भी है कि GII के इस बार के संस्करण की लॉन्चिंग की मेजबानी करने का मौका भी भारत को ही मिला है।
दरअसल, विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) एक वैश्विक मंच है, जो नीति, सेवाओं, सूचना और सहयोग के लिए दुनियाभर के देशों की रैकिंग तय करता है। 14 जुलाई 1967 को स्थापित 193 सदस्य देशों वाली इस एक स्व-वित्तपोषित एजेंसी का मुख्यालय जिनेवा में है। इसका मकसद एक संतुलित और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय आईपी प्रणाली के विकास का नेतृत्व करना है। हालांकि स्थापना के वक्त भारत इसका मेंबर नहीं था। इस एजेंसी की तरफ से जारी रैकिंग में भारत लगातार सुधार की तरफ अग्रसर है। हाल में जारी रिपोर्ट के मुताबिक GII के टॉप 65 देशों में शामिल भारत, ईरान, फिलीपींस, तुर्किये, वियतनाम और इंडोनेशिया की रैकिंग में बीते दशक में काफी तेजी आई है।
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बता देना जरूरी है कि भारत को 2015 में 81वां रैंक मिला था। इसके बाद से भारतीय नीति आयोग बायो टेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, ऑल्टरनेटिव एनर्जी सोर्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स आदि के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग कर रहा है। इसी के चलते पिछले 8 वर्षों से विश्व स्तर की रैकिंग में देश लगातार बढ़त की तरफ है। 2020 में भातर को ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) में 40वीं रैंकिंग मिली थी, वहीं इस बार यह बरकरार है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) ने भारत को लगातार 13वें वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाली दुनिया की 21 अर्थव्यवस्थाओं में सूचीबद्ध किया है। हालांकि इस फेहरिस्त में मोल्दोवा गणराज्य और वियतनाम भी शुमार हैं। रिपोर्ट पर गौर करें तो 2012 में दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री की बाजार हिस्सेदारी जहां चार प्रतिशत थी, वहीं 2022 में बढ़कर यह 14 प्रतिशत हो गई। इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कारें सिर्फ पहली लहर हैं: इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक जल्द ही आएंगे, जबकि भारत जैसे प्रमुख बाजारों में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन पहले से ही प्रचलन में हैं, जहां 2022 में इसके आधे से अधिक तीन-पहिया पंजीकरण इलेक्ट्रिक थे’।
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