Sardar Aman Khan

'पहले हाथ में पकड़ाई बंदूक, अब बता रहे आतंकवादी', PoK लीडर ने दुनिया के सामने पाकिस्तान आर्मी को किया बेनकाब

अमान खान ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कश्मीरियों के हाथों में सबसे पहले बंदूक थमाने वाली खुद पाकिस्तानी फौज ही थी, जिसने जम्मू-कश्मीर में हथियारों और गोला-बारूद की खेप को धकेला.

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है. रावलकोट के ईदगाह मैदान में जुटे 80 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख सरदार अमान खान ने एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने दुनिया के सामने पाकिस्तान के राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है.

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पाकिस्तानी सेना को लिया आड़े हाथ


अमान खान ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कश्मीरियों के हाथों में सबसे पहले बंदूक थमाने वाली खुद पाकिस्तानी फौज ही थी, जिसने जम्मू-कश्मीर में हथियारों और गोला-बारूद की खेप को धकेला. प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरदार अमान खान ने गरजते हुए कहा, ‘यह पाकिस्तानी सेना ही थी जिसने कश्मीरी युवाओं के हाथों में बंदूकें पकड़ाईं और आज उनकी यह हिम्मत कि वे हमें ही आतंकवादी करार दे रहे हैं.’

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आतंकवादियों को मुहैया कराई सुरक्षा


सरदार अमान खान पिछले साल फरवरी में रावलकोट में आयोजित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए स्थानीय प्रशासन को भी घेरा. अमान खान ने आरोप लगाया कि रावलकोट के डिप्टी कमिश्नर ने खुद उस रैली को न केवल मंजूरी दी, बल्कि AK-47 और तलवारों से लैस आतंकियों को सुरक्षा भी मुहैया कराई थी. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग अपनी जमीन के हक के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें आतंकी कहना बंद किया जाए.

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PoK खाली करने की चेतावनी


गौरतलब है कि अवैध कब्जे वाले हिस्से में चल रहा यह आंदोलन अब 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है और जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है. अमान खान ने पाकिस्तानी हुक्मरानों को स्पष्ट शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि अगर आंदोलन की 38 सूत्रीय मांगों को तुरंत स्वीकार कर लागू नहीं किया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन केवल स्थानीय अधिकारों तक सीमित नहीं रहेगा. इसके बाद यह आंदोलन पाकिस्तान को पूरी तरह से ‘पीओके’ खाली करने के एक बड़े और राष्ट्रव्यापी अभियान में तब्दील हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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