एलन मस्क अंतरिक्ष में क्यों बनाना चाहते हैं AI डेटा सेंटर? 3 पॉइंट में समझें स्पेसएक्स CEO की प्लानिंग

Elon Musk Space Mission: एलन मस्क अंतरिक्ष की दुनिया में एक इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं, जिसके लिए वे पहले अपनी 2 कंपनियों को मर्ज करेंगे. कंपनियों को मर्ज करने के बाद वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक इंटरनेशनल डेटा सेंटर बनाएंगे, वो भी धरती पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में होगा.

Elon Musk

एलन मस्क अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया इतिहास रचने की तैयारी में हैं.

Elon Musk New Project: दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन एलन मस्क अंतरिक्ष और AI की दुनिया में एक इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं, जिसके लिए उनकी योजना अपनी 2 कंपनियों स्पेसएक्स और xAI को मर्ज करने की हैं और अगर यह मर्जर हो जाता है तो एलन मस्क का अगला प्रोजेक्ट अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाना होगा, जो सौर ऊर्जा से चलने वाला एक प्रकार का सैटेलाइट होगा, जिसे स्पेसएक्स कंपनी अंतरिक्ष में धरती के ऑर्बिट में लॉन्च करेगी.

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स्पेस एजेंसियों का होगा बड़ा फायदा

एलन मस्क का मानना है कि भविष्य में अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग की जरूरत पड़ेगी और इसके लिए AI डेटा सेंटर की जरूरत होगी, जिसके जरिए AI कंप्यूटिंग का डेटा स्टोर होगा और इस डेटा से सबसे बड़ा फायदा स्पेस एजेंसियों का होगा और स्पेस मिशन की लागत कम हो जाएगी. टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी क्रांति आएगी, क्योंकि आने वाला समय AI टेक्नोलॉजी का ही है, जो धरती पर इस्तेमाल होने लगी है और वर्तमान की सभी टेक्नोलॉजी को पीछे छोड़ने में सक्षम है.

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धरती का परिक्रमा करेगा डेटा सेंटर

बता दें कि AI डेटा सेंटर एक प्रकार का सैटेलाइट होगा, जो उसी तरह धरती की परिक्रमा करेगा, जैसे चांद करता है. इसमें सौर पैलन लगे होंगे, जिनसे सेंटर को अपना काम करने के लिए एनर्जी मिलेगी. टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट कहते हैं कि ग्रोक और चैटजीपीटी को AI कंप्यूटिंग करने के लिए ज्यादा एनर्जी चाहिए, लेकिन धरती पर एनर्जी सोर्स कम होने लगे हैं, इसलिए AI डेटा सेंटर अंतरिक्ष में बनाए जाने चाहिएं, ताकि वे सूरज की रोशनी से एनर्जी लेकर काम कर सकें.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में किया जिक्र

एलन मस्क ने हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने के अपने विचार का जिक्र किया था और कहा था कि उनकी कंपनी स्पेसएक्स स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस दुनिया को उपलब्ध कराने के लिए हजारों सैटेलाइट धरती के ऑर्बिट में लॉन्च कर चुकी है और अब वे स्पेसएक्स के जरिए सैटेलाइट रूपी AI सेंटर लॉन्च करना चाहते हैं, क्योंकि अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा से चलने वाले डेटा सेंटर बनाना आसान है और यह सपना अगले 2 या 3 साल में सच हो जाएगा.

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स्पेसएक्स लॉन्च करेगी अपना IPO

बता दें कि स्पेसएक्स अपना IPO लॉन्च करने वाली है, जिस वजह से कंपनी की वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाएगी. चर्चा है कि IPO से होने वाली इनकम का इस्तेमाल ही अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना हैं कि अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाना आसान काम नहीं है. क्योंकि वहां पहले से किसी न किसी सैटेलाइट का मलबा बिखरा हुआ है, जो सैटेलाइट से टकराकर सेंटर को नुकसान पहुंचा सकता है. ब्लैक होल और तारों की कॉस्मिक रे सैटैलाइट के हार्डवेयर को डैमेज कर सकी हैं. इसके लिए पहले एक ट्रायल सेंटर स्थापित करना चाहिए, ताकि सफलता-असफलता देखी जा सके.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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