अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त लहजे में चीन को चेतावनी दी है। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग को दोटूक शब्दों में कह दिया है कि वह ईरान को हथियार सप्लाई न करे। अगर ईरान नहीं माना तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। चीन और जिनपिंग बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शाांति वार्ता चल रही है, लेकिन अगर समझौता नहीं होता तो अमेरिका का कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान युद्ध में अमेरिका की जीत का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ जंग में जीत अमेरिका की ही होगी, चाहे कोई भी जो मर्जी कर ले, जितना चाहे जोर लगा ले। ईरान में होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंग बिछाई हैं, कोई बात नहीं, इसका जवाब अमेरिका के पास है। अमेरिका के माइन स्वीपर्स होर्मुज स्ट्रेट की सफाई कर रहे हैं। ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से तेल-गैस के टैंकरों को गुजरने देना होगा। अमेरिका उस रास्ते को ब्लॉक नहीं रहने देगा। ईरान सिर्फ समझौता करने के लिए जिंदा है, अगर नहीं करेगा तो जड़ से खत्म करेंगे।
चीन का ईरान को हथियार देना अमेरिका के लिए खतरा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के मामले में चीन के संभावित दखल पर स्थिति साफ करते हुए चेतावनी दे दी है। उन्होंने चीन को सीधे शब्दों में कह दिया है कि ईरान को हथियार देने पर चीन को बड़ी समस्या होने वाली है। क्योंकि ईरान को चीन का हथियार देना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता के लिए बड़ी बाधा है। अगर शांति वार्ता फेल हुई तो इसके लिए ईरान के साथ-साथ चीन भी जिम्मेदार होगा।
अगले हफ्ते ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देगा चीन
दरअसल, इंटेलिजेंस से इनपुट मिला कि चीन युद्ध में ईरान की मदद कर रहा है। वह ईरान को अमेरिका के लड़ाकू विमानों की सटीक लोकेशन दे रहा है, जिस वजह से ईरान हमले करके अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा रहा है। वहीं अब पता चला है कि अगले कुछ हफ्तों में चीन की तरफ से ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम मिल सकते हैं। हालांकि चीन ने सीजफायर डील के लिए ईरान को मनाया है, लेकिन चीन दूसरी तरफ हथियार देकर ईरान को सैन्य मजबूती प्रदान कर रहा है।
चीन ने कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल भी ईरान को दी
US इंटेलिजेंस का मानना है कि कंधे से दागी जाने वाली एंटी-एयर मिसाइल सिस्टम ईरान को चीन भेज सकता है। ईरान ने इसी सिस्टम से अमेरिका के कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया और उन्हें मार गिराया। अमेरिकी सेना के कF-15E लड़ाकू विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को इसी सिस्टम से ईरान ने मार गिराया। ईरान मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम से ही कामयाब हुआ, वरना 20 साल को कोई दुश्मन अमेरिका के लड़ाकू विमानों तक पहुंच भी नहीं सका था।
इस्लामाबाद में 4 घंटे का ‘महा-मंथन’! US-ईरान की शांति वार्ता में होर्मुज और लेबनान पर फंसा पेच
ईरान शायद चीनी HQ-9B का इस्तेमाल कर रहा हो, जो एक बहुत ही एडवांस लंबी दूरी की मिसाइल सिस्टम है। मार्च 2026 में चीन ने 2 समुद्री जहाज ईरान भेजे थे, जिनमें शायद सोडियम परक्लोरेट लदा था। यह ठोस रॉकेट ईंधन बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक मुख्य घटक है।
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