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पुतिन को माननी होंगी जेलेंस्की की 3 शर्तें, कहां अटक सकती है बात? क्या 22 अगस्त को होगी फिर से मुलाकात

Zelensky-Putin: 18 अगस्त को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मीटिंग हुई। ट्रंप की नजर से देखा जाए तो ये मीटिंग सफल रही, लेकिन अभी तक रूस-यूक्रेन की जंग को रोकने को लेकर कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

Zelensky-Putin: डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मीटिंग पर पूरी दुनिया की नजरें थीं। इसके पहले ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। दोनों ही मीटिंग्स ट्रंप के हिसाब से सफल रहीं। हालांकि, ये बात अलग है कि अभी तक जंग में सीजफायर को लेकर कोई समझौता नहीं हो पाया है। पहली मीटिंग में जंग खत्म करने के लिए पुतिन ने जेलेंस्की के सामने कुछ शर्तें रखी थीं। वहीं अब जेलेंस्की ने पुतिन के सामने तीन शर्तें रख दी हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो यह इन शर्तों पर निर्भर करता है कि आगे की बातचीत होगी कि नहीं, क्योंकि जो पुतिन ने मांग की है उसको जेलेंस्की मानने को तैयार नहीं हैं।

क्या हैं जेलेंस्की की शर्तें?

ट्रंप के साथ मीटिंग में कुछ बातों पर सहमति बनी है। इसमें जंग रोकने के लिए जेलेंस्की ने भी पुतिन की तरह ही कुछ शर्तें रख दी हैं। जेलेंस्की ने जंग खत्म करने के लिए पहली शर्त यूक्रेन को सिक्योरिटी गारंटी और तीसरी शर्त यूक्रेन को अपनी सेना बढ़ाने की आजादी देना है। वहीं, तीसरी शर्त शांति बहाली के बाद देश में चुनाव कराने की रखी गई है। इन शर्तों को पुतिन मानेंगे या नहीं, ये ट्रंप के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

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कहां आ सकती है समस्या?

डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकाते के दौरान पुतिन ने जंग रोकने के लिए यूक्रेन के सामने कुछ शर्तें रख दी थीं। उन्होंने कहा था अगर यूक्रेन डोनेट्स्क और अन्य क्षेत्रों को छोड़ दे तो वह इस बारे में सोच सकता है। साथ ही, पुतिन ने दूसरी शर्त क्रीमिया पर रूस का नियंत्रण पाने की बात कही। वहीं, उनकी तीसरी शर्त थी कि यूक्रेन को नाटो में शामिल न किया जाए। वहीं, जेलेंस्की ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि अगर हम क्षेत्रों को छोड़ते हैं तो इससे वहां पर पूरा कंट्रोल रूस का हो जाएगा, जो यूक्रेन नहीं चाहता है।

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क्या होगा आगे का रास्ता?

अब जो शर्तें जेलेंस्की ने रखी हैं, वे सभी पुतिन की शर्तों के विपरीत हैं। जिस तरह से पुतिन की शर्तों को जेलेस्की ने मानने से इनकार कर दिया था, वैसे ही मुमकिन है कि पुतिन भी जेलेंस्की की शर्तों को मानने से इनकार कर सकते हैं। इन शर्तों के मानने के बाद ही अगली मीटिंग होगी कि नहीं इसका फैसला हो सकता है।

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First published on: Aug 19, 2025 11:46 AM

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Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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