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US Immigration Law Update: अवैध प्रवासियों के बाद अब अमेरिका स्थायी प्रवासियों पर भी सख्ती बरतने जा रहा है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने अब ग्रीन कार्ड होल्डर्स के लिए एक आदेश जारी किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्वीट किया है कि ट्रंप सरकार आव्रजन कानून लागू करके उन अमेरिका के उन स्थायी निवासियों को देश से निष्कासित करेगी, जिन्होंने विदेशी आतंकवादी संगठन से संबंधित हैती गिरोह का समर्थन और किसी भी तरह से सहयोग किया है। ट्रंप के इस आदेश से अमेरिका में बसे भारत समेत दुनियाभर के देशों के लाखों लोगों को झटका लगा सकता है।
US Secretary of State Marco Rubio tweets, “The Trump Administration is enforcing U.S. immigration law to expel U.S. legal permanent residents who have supported and collaborated with Haitian gang leaders connected to Foreign Terrorist Organization, Viv Ansanm.” pic.twitter.com/qhdF6H6HXM
— ANI (@ANI) July 21, 2025
बता दें कि अमेरिका में इमिग्रेशन एक्ट इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) 1952 का संशोधित रूप है। 1952 के एक्ट में समय-समय पर संशोधन करके नए प्रावधान किए गए हैं। इस एक्ट के तहत ही अमेरिका में स्थायी और अस्थायी निवासियों के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। आतंकवादी संगठनों से संबंधित नीतियों का वर्णन भी इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) की धारा 212 और 237, एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 में किया गया है। यह कानून और नियम अमेरिकी नागरिकों और बाहर से आकर अमेरिका में बसे लोगों या ग्रीन कार्ड होल्डर्स पर लागू होते हैं।
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INA की धारा 212(a)(3)(B) के तहत, विदेशी आतंकी संगठन के सदस्य या उनके समर्थक अमेरिका में नहीं घुस सकते। इस नियम के दायरे में वे लोग भी आते हैं, जिन्होंने आतंकवादी गतिविधियों में भाग लिया हो। INA की धारा 237(a)(4)(B) के तहत अगर अमेरिका में बाहर से आकर बसा कोई शख्स या ग्रीन कार्ड होल्डर विदेशी आतंकी संगठन की मदद या किसी भी तरह का सहयोग करता है तो उसे अमेरिका से निष्कासित किया जा सकता है।
अमेरिका के नागरिकों के लिए कानून में प्रावधान किया गया है कि अगर अमेरिका का अपना कोई नागरिक जानबूझकर विदेशी आतंकी संगठन की मदद या सहयोग करता है तो वह कृत्य गैर-कानूनी होगा। इसके लिए आरोपी को 20 साल तक की जेल की सजा या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल विचारधारा का समर्थन करना दंडनीय नहीं है, लेकिन अगर आतंकी संगठन के लिए कोई गतिविधि की तो यह दंडनीय अपराध है।
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20 जनवरी 2025 को बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरा कार्यकाल शुरू करते हुए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 14159 साइन किया था। इस आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अवैध प्रवासियों और आतंकवाद या आतंकियों से जुड़े लोगों पर सख्ती बढ़ाने को कहा। इस आदेश के साथ INA की धारा 262 (एलियन रजिस्ट्रेशन) लागू की गई, जिसके तहत अमेरिका में बाहर से आकर बसे लोगों को 30 दिन से ज्यादा दिन तक अमेरिका में रहने पर रजिस्ट्रेशन और फिंगर प्रिंटिंग करानी होगी। इस आदेश का उल्लंघन निष्कासन का आधार बन सकता है।
भारतीयों के लिए कानून में प्रावधान है कि अगर अमेरिका में रहने वाला कोई भारतीय या ग्रीन कार्ड होल्डर TRF या लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्टेड मिला तो उसे INA की धारा 237(a)(4)(B) के तहत अमेरिका से निष्कासित किया जा सकता है।
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अमेरिका का विदेश मंत्रालय INA की धारा 219 के तहत किसी आतंकी संगठन को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित करता है। अमेरिका ने गत 18 जुलाई 2025 को द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकी संगठन और वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया था, क्योंकि इस संगठन ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला कराया था। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। TRF को पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है। इसके बाद ही ट्रंप सरकार ने स्थायी निवासियों और ग्रीन कार्ड होल्डर्स पर आव्रजन कानून के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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