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डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ाई ईरान की टेंशन, दुनिया को दी सीधी धमकी, कहा- तेहरान से रिश्ता रखा तो झेलने होंगे प्रतिबंध

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराता जा रहा है. इस तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर पूरी दुनिया को धमकी दी है. अगर दुनिया ने ट्रंप की धमकी को माना तो ईरान के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है.

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अमेरिका ने ईरान के ग्लोबल फाइनेंशियल नेटवर्क पर चोट मारनी शुरू कर दी है. ईरान पर लगाम कसते हुए उसके सहयोगी देशों और पूरी दुनिया को धमकी दी है. अमेरिका की वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ट्रंप सरकार की ओर से ऐलान किया है कि अब जो देश ईरान के साथ रिश्ते रखेगा, अमेरिकी सरकार उस पर प्रतिबंध लगाएगी. अब जो भी देश, बैंक या संस्था ईरान के साथ पैसे का लेनदेन करेगा या मनी लॉन्ड्रिंग में उसकी मदद करेगा, अमेरिका से डॉलर सिस्टम से बाहर कर देगा. ईरान के साथ जिन देशों के रिश्ते पहले से बने हुए हैं, वे भी अपने रिश्तों को खत्म करें.

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दुनिया के धमकी के पीछे अमेरिका का मकसद क्या?

अमेरिका की वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान के उन नेटवर्क को आइडेंटिफाई कर लिया है, जिनका इस्तेमाल ईरान अपने कच्चे तेल को खपाने, आर्थिक प्रतिबंधों से बचने और फंड हासिल करने के लिए करता है. अमेरिका का मकसद ईरान के लिए रेवेन्यू का साधन बनने वाले नेटवर्क को खत्म करना है. जिन फाइनेंशियल सपोर्ट के साथ ईरान की सरकार खड़ी है, उसे जड़ से काटना है. ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों और कंपनियों को यह मानने पर मजबूर करना है कि ईरान के साथ रिश्ते रखकर वे अमेरिका के साथ दुश्मनी मोल ले रहे हैं.

ईरान से रिश्ते तोड़ने के लिए टाइमलाइन सेट की गई

स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान की आर्थिक लाइफलाइन को तोड़ना है, ताकि ईरान की आर्थिक सप्लाई रुके अैर वह अकेला पड़ जाए. ट्रंप सरकार ने ईरान के लिए व्यापार करने वाले 60 संस्थानों, व्यक्तियों, जहाजों पर भी नए प्रतिबंध लगाए हैं. इन सभी का कनेक्शन ईरान के परमाणु, मिसाइल और साइबर नेटवर्क है. अमेरिका ने उन सभी देशों के लिए ईरान से जुड़ी सभी गतिविधियां खत्म करने के लिए टाइमलाइन सेट की है और चेतावनी दी है कि उस टाइमलाइन में ईरान के साथ रिश्ते नहीं टूटे तो अमेरिका उस देश के खिलाफ कार्रवाई के लिए मजबूर होगा.

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ईरान की संसद के स्पीकर गलिबाफ का पलटवार

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गलिबाफ ने अमेरिका की धमकियों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को सिर्फ ‘बड़ी-बड़ी बातें’ करनी आती हैं. असल में कुछ करने की हिम्मत नहीं है. ईरान के साथ व्यापार करने वाले देश अमेरिका के प्रतिबंधों की चिंता नहीं करेंगे. अमेरिका चाहे जितनी कोशिश कर ले, ईरान उसके दबाव के आगे कभी नहीं झुकेगा. ईरान होर्मुज स्ट्रेट को कभी नहीं छोड़ेगा और न अमेरिका को इस पर कब्जा करने देगा. अमेरिका जब तक अपने वादे पूरे नहीं करेगा, तब तक ईरान कोई समझौता नहीं करेगा और न ही शांति वार्ता करेगा.

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First published on: Aug 25, 2026 06:46 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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