---विज्ञापन---

दुनिया

हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, सीक्रेट रूप से परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, सेटेलाइट से खुलासा

China nuclear base latest news: चीन अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन पहाड़ी क्षेत्रों को काटकर बड़े पैमाने पर परमाणु बुनियादी ढांचा तैयार कर रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों और रक्षा विशेषज्ञों के विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि यहां परमाणु ठिकाने और प्लूटोनियम उत्पादन से जुड़ी मशीनें सक्रिय हो चुकी हैं.

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Feb 15, 2026 23:04
satalite image
pic credit: Adobe

China nuclear base latest news: चीन दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में पहाड़ों के अंदर गुप्त रूप से परमाणु हथियारों से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार तेजी से कर रहा है. सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चलता है कि जिटोंग (Zitong) और पिंगटोंग (Pingtong) के आसपास की साइट्स पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें नए बंकर, किलेबंदी और प्लूटोनियम उत्पादन से जुड़ी मशीनरी शामिल है. ये सुविधाएं सक्रिय हो चुकी हैं और चीन अपनी न्यूक्लियर क्षमता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम चीन की दीर्घकालिक सामरिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है.

सिचुआन प्रांत में विकसित हुआ परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर

रिपोर्ट के मुताबिक, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने हाल ही में जारी सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर खुलासा किया है कि सिचुआन प्रांत में ये परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है. अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच बीजिंग अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश में जुटा है. पेंटागन के अनुमान के अनुसार, 2024 के अंत तक चीन के पास 600 से ज्यादा परमाणु हथियार थे, जो 2030 तक बढ़कर लगभग 1,000 हो सकते हैं. हालांकि यह संख्या अमेरिका और रूस के स्टॉकपाइल से अभी भी कम है, लेकिन इसकी तेज वृद्धि विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.

---विज्ञापन---

प्रमुख साइट्स और निर्माण विवरण

  • पिंगटोंग साइट: यहां प्लूटोनियम कोर (plutonium cores) बनाने की सुविधा मानी जाती है. मुख्य संरचना में 360 फुट ऊंची वेंटिलेशन स्टैक को अपग्रेड किया गया है, जिसमें नए वेंट्स और हीट डिस्पर्सर लगाए गए हैं. प्रवेश द्वार पर बड़े अक्षरों में शी जिनपिंग का नारा लिखा है. यह अमेरिका के लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी जैसी संरचना से मिलता-जुलता है.
  • जिटोंग साइट: यहां नए बंकर और किलेबंदी बनाई गई हैं. एक नया कॉम्प्लेक्स तैयार किया गया है जिसमें व्यापक पाइपिंग सिस्टम है, जो खतरनाक सामग्री के हैंडलिंग का संकेत देता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यहां हाई एक्सप्लोसिव टेस्टिंग होती है, जो परमाणु हथियारों के इम्प्लोजन मैकेनिज्म को परफेक्ट करने के लिए जरूरी है.

प्लूटोनियम क्यों अहम है?

प्लूटोनियम परमाणु हथियारों के निर्माण में उपयोग होने वाली प्रमुख सामग्री है. यदि उत्पादन क्षमता बढ़ती है, तो इससे परमाणु वारहेड की संख्या में वृद्धि संभव हो सकती है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि संबंधित संयंत्रों में नई मशीनें सक्रिय की गई हैं, जिससे उत्पादन प्रक्रिया को गति मिल सकती है. हालांकि चीन आधिकारिक रूप से ‘नो-फर्स्ट-यूज’ नीति का समर्थन करता है, लेकिन तेज़ी से बढ़ते सैन्य बुनियादी ढांचे को लेकर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने सवाल उठाए हैं.

---विज्ञापन---
First published on: Feb 15, 2026 11:04 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.