BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई. करीब सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति की भारत यात्रा और दोनों नेताओं की आमने-सामने बातचीत को भारत-चीन संबंधों में जारी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. बैठक में सीमा पर शांति बनाए रखने से लेकर व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में साफ किया कि भारत और चीन के बीच सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है. दोनों देशों ने सीमा विवाद का समाधान निष्पक्ष, तर्कसंगत और दोनों पक्षों को स्वीकार्य तरीके से निकालने की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि आपसी मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेने दिया जाना चाहिए.

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बैठक में दोनों नेताओं ने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और साझा हितों को आधार बनाने पर जोर दिया. सीमा से जुड़े मसलों के प्रबंधन और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी सहमति दिखाई गई. 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी के बीच यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है.

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व्यापार घाटा कम करने पर जोर

मोदी-जिनपिंग वार्ता में आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते भी प्रमुख एजेंडे में रहे. भारत और चीन के बीच कारोबार का आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, लेकिन व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में नहीं है. भारत की ओर से चीनी बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए बेहतर पहुंच और व्यापार घाटे को कम करने की जरूरत पर जोर दिया गया. दोनों पक्षों ने कारोबारी सहयोग, बाजार तक पहुंच और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों पर आगे काम करने की बात कही.

इसके अलावा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, कारोबारी गतिविधियों को आसान बनाने और दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने माना कि भारत और चीन के रिश्तों में स्थिरता सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है.

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