---विज्ञापन---

दुनिया

बांग्लादेश में दरिंदगी! बाहर से ताला लगाकर फूंका घर, जिंदा जल गई 7 साल की आयशा; दादी ने सुनाई खौफनाक दास्तां

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच यह घटना सामने आई है.

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Dec 21, 2025 11:00
पुलिस का कहना है कि वह जांच कर रही है कि आग लगाने के पीछे किसका हाथ है.

बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा के बीच, शनिवार को लक्ष्मीपुर सदर उपजिला में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के एक नेता के घर को कथित तौर पर बाहर से ताला लगाकर आग के हवाले कर दिया गया. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में एक बच्ची की मौत हो गई और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए.

पुलिस के मुताबिक, यह हमला शनिवार तड़के भवानीगंज में एक बिजनेसमैन और BNP नेता बिलाल हुसैन के घर पर हुआ. इस हमले में बिलाल की सात साल की बेटी आयशा अख्तर की जलकर मौत हो गई. इसके अलावा BNP नेता और उनकी दो अन्य बेटियां, 16 वर्षीय सलमा अख्तर और 14 वर्षीय सामिया अख्तर गंभीर रूप से झुलस गईं. बिलाल का इलाज लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है. जबकि उनकी बेटियों को ढाका रेफर किया गया है.

---विज्ञापन---

पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं.

लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि पिता और उनकी दो बेटियों को रात करीब 2:00 बजे इमरजेंसी में लाया गया था. दोनों लड़कियों की हालत नाजुक है. दोनों करीब 50-60 फीसदी तक जल चुकी हैं. उन्हें ढाका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी रेफर किया गया है.

---विज्ञापन---

न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने बिलाल की मां, हजेरा बेगम के हवाले से लिखा है, कि बदमाशों ने घर के दोनों दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया था. इसके बाद पेट्रोल छिड़का और घर को आग लगा दी.

उन्होंने उस भयानक मंजर को याद करते हुए कहा, ‘मैं खाने के बाद सोने चली गई थी. रात करीब 1:00 बजे जब मेरी नींद खुली, तो मैंने खिड़की से देखा कि मेरे बेटे के घर में आग लगी है. मैं चिल्लाते हुए बाहर दौड़ी लेकिन देखा कि घर के दोनों दरवाजे बाहर से बंद थे. मैं घर में घुस नहीं पाई. मेरा बेटा किसी तरह दरवाजा तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब रहा. उसकी पत्नी भी अपने चार महीने के बच्चे और छह साल के दूसरे बेटे के साथ बाहर निकल गईं.’

उन्होंने आगे बताया, “मेरी पोतियां सलमा, सामिया और आयशा एक कमरे में सो रही थीं. दो को तो बचा लिया गया, लेकिन सबसे छोटी आयशा की घर के अंदर ही जलकर मौत हो गई. बचाई गईं दो पोतियां की हालात भी बेहद गंभीर है. बिलाल भी बुरी तरह से झुलस गए.’

First published on: Dec 21, 2025 11:00 AM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.