Grah Gochar 2025: साल 2025 का पहला माह जनवरी चल रहा है। इस दौरान कई बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होने के साथ-साथ नक्षत्र परिवर्तन भी हो रहा है। शास्त्रों में बताया गया है कि जब भी किसी ग्रह का गोचर होता है, तो उसका शुभ और अशुभ प्रभाव समय-समय पर 12 राशियों के ऊपर पड़ता है। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, जनवरी माह में ग्रह गोचर के कारण 12 में से किसी एक राशि के जातकों की परेशानी बढ़ सकती है। जातकों की एकाग्रता में कमी आएगी। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा गृह क्लेश भी बढ़ेगा।
आज पंडित सुरेश पांडेय आपको उसी राशि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जातकों के लिए जनवरी माह कुछ खास अच्छा नहीं रहेगा। जनवरी माह के राशिफल के साथ-साथ आपको उस राशि के अन्य 11 माह के राशिफल के बारे में भी पता चलेगा। यदि आप भी जानना चाहते हैं उस अनलकी राशि के बारे में, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।
ये भी पढ़ें- Kaalchakra: 2025 में शनि की चाल का 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव? जानें पंडित सुरेश पांडेय से
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
संबंधित खबरें
यूपी कांग्रेस की कमान संभालते ही आराधना मिश्रा ने दिया ये बड़ा बयान
7 hrs agoआज जरूर करें गणेश जी और नवग्रहों की स्थापना, यहां जानिए
17 hrs agoIND vs WI मैच में फिर बन सकते हैं 500 से ज्यादा रन, पिच दे रही संकेत
17 hrs agoरसोई में मौजूद मसालों से जुड़े ज्योतिषीय उपाय, बन सकेंगे आपके काम
19 hrs agoप्रदर्शनकारियों के लिए गुड न्यूज! अब कांग्रेस के वकील लड़ेंगे आपका केस
1 day agoटीम इंडिया के नए चीफ सिलेक्टर की रेस में सामने आए 3 बड़े नाम
1 day agoतुला और मकर राशि के लिए जरूरी सलाह, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
1 day ago501 रन, 33 छक्के... IND vs WI दूसरे T20I में बने 10 बड़े रिकॉर्ड
1 day ago'परमिशन देने वाली दिल्ली पुलिस कौन होती है...', CJP प्रवक्ता का बड़ा बयान
2 days agoWorld Cup 2027 से पहले टीम इंडिया के सामने 5 बड़ी कमजोरियां
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines