सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक होने वाले इंडिया ब्लॉक के मार्च से पहले विपक्षी सांसदों को बड़ा झटका लगा है. सूत्रों के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षा सांसदों से मिलने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक पक्ष के तहत विचाराधीन हैं. लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI को पत्र लिखकर सोमवार को शाम 4 से 5 बजे के बीच उनसे मिलने का समय मांगा था.
CJI को ज्ञापन सौंपना चाहता है विपक्ष
वो उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे, जिसमें वोट चोरी को रोकने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को रोकने और वापस पेपर बैलेट सिस्टम अपनाने की मांग की गई थी. विपक्षी दलों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है. कांग्रेस ने इसे “चलो दिल्ली-लोकतंत्र के लिए मार्च” नाम दिया है, जिसके लिए नेताओं को दोपहर 1.30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड जंक्शन पर इकट्ठा होना है.
CJI ने क्या कहा?
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध के जवाब में CJI ने कहा कि प्रशासनिक पक्ष पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कांग्रेस नेता से न्यायिक पक्ष में याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट सभी नागरिकों के लिए 24 घंटे खुला है. सूत्रों ने बताया कि CJI ने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक पक्ष पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. इससे पहले, राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च भारतीय लोग निकालेंगे, जो पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य से ऊपर उठकर एकजुट होंगे.