Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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जब कोरोना वायरस वैश्विक महामारी भारत समेत पूरी दुनिया के लिए संकट का सबब बनी हुई थी तब इसकी वैक्सीन संजीवनी की तरह सामने आई थी। लेकिन अब उसी वैक्सीन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कोरोना काल के दौरान दो बच्चियों की कथित तौर पर कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद जान चली गई थी। अब उनके माता-पिता ने वैक्सीन मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है।
दोनों बच्चियों के माता-पिता ने कहा है कि ब्रिटेन की फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने यह माना है कि उसकी वैक्सीन की खुराक से कुछ मामलों में खतरनाक साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं। बता दें कि एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर कोविशील्ड वैक्सीन को डेवलप किया था और सीरम इंस्टीट्यूट ने इसका उत्पादन किया था। बता दें कि जुलाई 2021 में श्री आम्ट्री और करुण्या नाम की दो बच्चियों की मौत हो गई थी। दोनों को कोविशील्ड वैक्सीन की डोज लगाई गई थी।
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