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मर चुके लोगों के बैंक लॉकर और खातों के लिए बदले नियम, 3 महीने में करना होगा ये काम

Rules changed for bank lockers and accounts of deceased customers: मर चुके लोगों के खातों का निपटान जल्द करने की योजना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले खातों के दोबारा KYC कराने होंगे।

Rules changed for bank lockers and accounts of deceased customers: सभी बैंकों के ऐसे ग्राहक जो अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके लॉकर और खाते अभी भी उनके नाम पर ही चल रहे हैं के परिजनों के लिए RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ने नया नियम लागू किया है। अब ऐसे खातों का निपटान कम समय में और जल्दी करने की योजना है।

दरअसल, बुधवार को नीतिगत दरों की घोषणा के दौरान आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा कि मृत बैंक ग्राहकों के सुरक्षित जमा लॉकरों से संबंधित दावों के निपटान की प्रक्रिया को मानकीकृत करेंगे। उनका कहना था कि इससे ऐसे ग्राहकों के आवेदनों का निपटान सुविधाजनक और सरलता से किया जाएगा। बैंक में आने वाले ऐसे ग्राहकों के परिजनों के आवेदन को प्रायोरिटी के हिसाब से सुना जाएगा और उस पर त्वरित कार्रवाई होगी, जिससे लोगों का समय बच सके और उन्हें कोई असुविधा न हो।

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प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले गए खातों का दोबारा कराना होगा KYC

इसके अलावा आरबीआई गवर्नर ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के अंतर्गत खोले गए खातों के दोबारा KYC कराने का ऐलान किया है। गवर्नर के अनुसार जन धन योजना के तहत बड़ी संख्या में खाते खोले गए हैं, जिनकी अब केवाईसी करने की जरूरत है। उनका कहना था कि ये प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो 30 सितंबर तक चलेगी।

घर के पास लगेगा शिविर, नए खाते खोलने और केवाईसी कराने की मिलेगी सुविधा

10 साल पहले प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत की गई थी। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि दोबारा केवाईसी के लिए देश के देहात इलाकों में पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना था कि इसके पीछे मकसद है कि किसी को परेशानी न हो। लोग अपने गांव और घर के पास ही अपना केवाईसी करवा सकेंगे और लोगों को दूरदराज स्थित बैंक शाखाओं में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं इन शिविरों में लोग नए खाते भी खोल सकेंगे।

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ये भी पढ़ें: Gold Price in India: रक्षाबंधन पर ज्यादा खर्च करने होंगे पैसे, सोने की बदली कीमत से जेब पर कितना पड़ेगा असर?

First published on: Aug 06, 2025 01:08 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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