केरल के इस रूट पर हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाने का प्लान, एक दिन में 2 लाख से ज्यादा लोग करेंगे सफर!

Thiruvananthapuram-Kannur High Speed Rail: तिरुवनंतपुरम और कन्नूर जिले केरल के 2 अलग-अलग छोर पर स्थित है, इन दोनों शहरों को हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्लानिंग चल रही है, जिसके कारण लाखों यात्रियों को रोजाना आने-जाने में आसानी होगी. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत तकरीबन 60,000 करोड़ रुपये है

KERALA.jpg

Kerala High Speed Rail (AI Image)

विज्ञापन

मुख्य बिंदु

  • प्रपोज्ड रेल कॉरिडोर रोज़ाना 2.28 लाख यात्रियों को ले जा सकता है.
  • 473.2 किलोमीटर लंबी इस लाइन की अनुमानित लागत तकरीबन 60,000 करोड़ रुपये है.
  • ये प्रोजेक्ट भारत के भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ सकता है.
  • ये कॉरिडोर केरल के सभी चार हवाई अड्डों को आपस में जोड़ेगा.
  • DMRC का टारगेट इस प्रोजेक्ट को 5 साल के भीतर पूरा करना है.

Kerala High Speed Rail Project: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, प्रपोज्ड तिरुवनंतपुरम-कन्नूर हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के केरल में एक बड़ा ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनने की उम्मीद है, जिसमें हर दिन तकरीबन 2.28 लाख यात्रियों को सेवा देने की क्षमता होगी. अधिकारियों का कहना है कि ये प्रोजेक्ट शहरों के बीच यात्रा को काफी बेहतर बना सकता है और साथ ही भारत के भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा भी बन सकता है. अगर इसे लागू किया जाता है, तो इस कॉरिडोर से कनेक्टिविटी बेहतर होने, ट्रैवल टाइम कम होने और राज्य के लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में मदद मिलने की उम्मीद है.

विज्ञापन

केरल की यात्रा होगी आसान

डीएमआरसी ने कहा है कि प्रस्तावित रेल लाइन को नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की तरफ से प्लान किए जा रहे नेशनल हाई-स्पीड रेल सिस्टम के साथ जोड़ा जा सकता है. इस तरह के इंटीग्रेशन से ये एनश्योर होगा कि केरल देश के बढ़ते बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ा रहे, जिससे भविष्य में हाई-स्पीड कॉरिडोर बनने पर दूसरे इलाकों में आसानी से जर्नी की जा सकेगी.

473.2 KM लंबा ट्रैक

प्रोजेक्ट का आकलन करने के लिए बनाई गई एक एक्सपर्ट कमेटी अभी अपना रिव्यू पूरा कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है. इवैल्युएशन प्रॉसेस के दौरान, DMRC ने पैनल की तरफ से उठाए गए लगभग 100 टेक्निकल और फाइनेंशियल सवालों के जवाब दिए. प्रपोज्ड कॉरिडोर स्टैंडर्ड-गेज ट्रैक पर करीबन 473.2 किलोमीटर तक फैला होगा. इसके निर्माण की अनुमानित लागत तकरीबन 57,000 करोड़ रुपये है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट की लागत 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.

कैसा होगी रेल लाइन

प्रपोजल के मुताबिक, पूरी रेलवे लाइन या तो एलिवेटेड स्ट्रक्चर पर या जमीन के नीचे बनाई जाएगी. इस डिजाइन का मकसद बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की जरूरत को कम करना और लोगों के माइग्रेशन को कम से कम करना है. इस कॉरिडोर से केरल के सभी 4 एयरपोर्ट्स को जोड़ने, सीमित रेलवे सेवाओं वाले इलाकों तक पहुंच बेहतर बनाने और पूरे राज्य में सड़क पर भीड़ और दुर्घटना के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की भी प्लानिंग है.

विज्ञापन

पर्यावरण के हिसाब से विकास

ये प्रोजेक्ट एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी पर भी बहुत जोर देता है. अधिकारी कॉरिडोर की ऊर्जा की जरूरतों को खास सोलर पावर सिस्टम से पूरा करने का प्रस्ताव दे रहे हैं, जिससे ऑपरेशनल लागत कम करने और टिकट की कीमतें ज़्यादा किफायती बनाने में मदद मिलेगी. DMRC ने डिज़ाइन, निर्माण और कमीशनिंग सहित टर्नकी आधार पर प्रोजेक्ट को पूरा करने की इच्छा जताई है. कोच्चि मेट्रो के अपने तजुर्बे के आधार पर, एजेंसी का मानना ​​है कि हाई-स्पीड रेल लाइन को सख्त समय-सीमा बनाए रखते हुए और प्रोजेक्ट की लागत को कंट्रोल करते हुए 5 साल के भीतर पूरा किया जा सकता है.

निष्कर्ष

प्रपोज्ड केरल हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में तेज, सुरक्षित और ज्यादा बेहतर यात्रा की सुविधा देकर पूरे राज्य में परिवहन व्यवस्था को बदलने की क्षमता है. नेशनल हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के साथ एकीकरण, पर्यावरण के अनुकूल संचालन और हवाई अड्डों से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ, ये प्रोजेक्ट क्षेत्रीय विकास और आर्थिक फायदे को बढ़ावा दे सकता है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो ये केरल की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक होगी, जिससे यात्रियों, बिजनसेज और राज्य के ओवरऑल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ