Bullet Train: दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन पर आया बड़ा अपडेट! बनेगा हाई स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा हब, सरकार ने तैयार किया 4 बड़े कॉरिडोर का प्लान
Bullet Train: केंद्र सरकार की महायोजना के तहत दिल्ली-एनसीआर बुलेट ट्रेन का बड़ा हब बनेगा, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी, वाराणसी, अमृतसर और अहमदाबाद के बीच का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा.
केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को केंद्र बनाकर चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर काम कर रही है.
दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश का सबसे लंबा रूट होगा, जिससे 20 घंटे का सफर सिर्फ 6 घंटे में सिमट जाएगा.
दिल्ली-वाराणसी रूट पर 320 किमी/घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलेगी और लखनऊ के लिए एक लिंक अयोध्या को भी जोड़ेगा.
दिल्ली से जयपुर होते हुए अहमदाबाद जाने वाला कॉरिडोर आगे चलकर मुंबई-अहमदाबाद ट्रैक से मिल जाएगा.
भारत की पहली स्वदेशी हाई स्पीड ट्रेन ‘B35’ का निर्माण तेजी से जारी है और इसके ट्रायल जल्द शुरू होंगे.
Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के शानदार सफर के बाद केंद्र सरकार अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को भारत के हाई स्पीड रेल नेटवर्क का एक बहुत बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है. सरकार की इस महायोजना के तहत दिल्ली से शुरू होने वाले चार अलग-अलग बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका खींचा जा रहा है. बजट में घोषित किए गए सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन सभी प्राथमिक और बेहद जरूरी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा करीब दो लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश किए जाने की उम्मीद जताई गई है.
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दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी कॉरिडोर से बदलेगी यूपी की तस्वीर
प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़कर राज्य में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देगा. यह रूट नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी से होकर गुजरेगा. इसके अलावा लखनऊ को अयोध्या से जोड़ने के लिए एक अलग से 124-135 किलोमीटर लंबा हाई स्पीड लिंक भी बनाने की योजना है. लगभग 813 से 865 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली से लखनऊ का सफर केवल 2 घंटे 10 मिनट और वाराणसी का सफर करीब 3 घंटे 50 मिनट का रह जाएगा.
सिलीगुड़ी रूट उत्तर और पूर्वी भारत को कैसे जोड़ेगा?
दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई स्पीड रेल नेटवर्क बनने जा रहा है, जिसे भविष्य में असम के गुवाहाटी तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव है. यह रूट उत्तर भारत को सीधे पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ेगा. लगभग 1,705 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, मथुरा, आगरा, लखनऊ, वाराणसी, बक्सर, पटना, बेगुसराय, खगारिया, कटिहार और न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा. इस आधुनिक ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली और सिलीगुड़ी के बीच का सफर लगभग 20 घंटे से घटकर मात्र छह घंटे का रह जाएगा, जिसके लिए रेलवे इस समय सर्वे और फिजिबिलिटी स्टडी का काम कर रहा है.
राजस्थान-गुजरात और पंजाब-जम्मू रूट्स के लिए रेलवे का प्लान
दिल्ली से शुरू होने वाले अन्य दो प्रमुख कॉरिडोर पश्चिमी और उत्तरी भारत के राज्यों को तेज रफ्तार से आपस में जोड़ेंगे, जिनकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल से समझी जा सकती है.
लगभग 450-500 किमी (प्रारंभिक सर्वे और रूट अलाइनमेंट जारी)
स्वदेशी बुलेट ट्रेन का अपडेट
देश के पहले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला चरण यानी सूरत से बिलिमोरा के बीच का ट्रैक वर्ष 2027 में शुरू होने की पूरी संभावना है. इसके साथ ही पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. दिल्ली के चारों प्रस्तावित प्रोजेक्ट अभी शुरुआती सर्वे, डिजाइन और मंजूरी के अलग-अलग चरणों में हैं. केंद्र सरकार हर साल लगभग 250 किलोमीटर हाई स्पीड रेल ट्रैक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इसके अलावा भारत अपनी पहली पूरी तरह स्वदेशी हाई स्पीड ट्रेन ‘B35’ भी विकसित कर रहा है, जिसके ट्रायल जल्द ही पटरियों पर शुरू होने वाले हैं.
निष्कर्ष:
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भारत का बुलेट ट्रेन नेटवर्क देश की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है. दिल्ली से शुरू होने वाले ये चार नए कॉरिडोर न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत के बीच की दूरियों को बेहद कम कर देंगे.
Frequently Asked Questions
Ans. दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई स्पीड रेल रूट होगा, जिसकी लंबाई लगभग 1,705 किलोमीटर है.
Ans. बुलेट ट्रेन से दिल्ली से लखनऊ का सफर 2 घंटे 10 मिनट और दिल्ली से वाराणसी का सफर करीब 3 घंटे 50 मिनट का हो जाएगा.
Ans. हां, इस कॉरिडोर को भविष्य में जालंधर से पठानकोट होते हुए जम्मू और कटरा तक विस्तार देने का प्रस्ताव है.
Ans. देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला चरण सूरत से बिलिमोरा के बीच वर्ष 2027 में शुरू होने की उम्मीद है.
Ans. भारत की पहली पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित हाई स्पीड ट्रेन का नाम 'B35' है.
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