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कौन है किसान की वो बेटी, जिसने यूपी बोर्ड टॉप कर रच दिया इतिहास, अभी तक कोई नहीं तोड़ पाया रिकॉर्ड

यूपी बोर्ड 10वीं 2016 की टॉपर सौम्या पटेल ने 98.67% अंक हासिल कर इतिहास रच दिया था. किसान की बेटी सौम्या की सफलता आज भी छात्रों के लिए प्रेरणा बनी हुई है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Apr 23, 2026 08:34
UP Board Topper
Credit: AI

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के नतीजे हर साल लाखों छात्रों के लिए बेहद खास होते हैं. ऐसे में जब भी रिजल्ट का टाइम आता है, पुराने टॉपर्स की कहानियां फिर चर्चा में आ जाती हैं. साल 2016 में यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में टॉप करने वाली सौम्या पटेल का नाम आज भी सबसे ज्यादा अंक पाने वाले स्टूडेंट्स में शामिल है. सौम्या पटेल ने साल 2016 में हाईस्कूल परीक्षा में 98.67 % यानी 600 में से 592 अंक हासिल किए थे. ये स्कोर इतने सालों बाद भी एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है.

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गरीबी को मात देकर बनीं टॉपर

सौम्या उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की रहने वाली हैं. वो एक किसान परिवार से आती हैं. उनके पिता किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. सौम्या की शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से हुई थी. इसके बाद बेहतर शिक्षा के लिए वो अपने रिश्तेदारों के पास रहकर पढ़ाई करने लगीं. उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की और आखिरकार पूरे यूपी में पहले नंबर पर अपनी जगह बनाई. अगर उनके सब्जेक्ट की बात करें तो उन्होंने साइंस में 100%, हिंदी और अंग्रेजी में 99-99 प्रतिशत और मैथ्स में 98 अंक हासिल किए थे.

IAS बनना चाहती हैं सौम्या

सौम्या अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और टीचर्स को देती हैं. उनका कहना था कि जितना भी पढ़ो, ध्यान से पढ़ो और लगातार रिवीजन करते रहो. उनका ये मंत्र आज भी कई स्टूडेंट्स के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है. सौम्या पटेल का सपना IAS बनने का है. उन्होंने बताया था कि वो देश के किसानों की समस्याओं को ठीक करना चाहती हैं. इसके लिए उन्होंने यूपीएससी टॉपर टीना डाबी से प्रेरणा ली थी. साल 2016 के यूपी बोर्ड रिजल्ट में खास बात ये भी रही कि टॉप पोजीशन पर लड़कियों का दबदबा था. सौम्या समेत टॉप 3 रैंक भी छात्राओं ने ही हासिल की थीं. आज भी सौम्या पटेल की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ये साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है.

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First published on: Apr 23, 2026 08:12 AM

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