पश्चिम बंगाल यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026 बिल के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए 9 सदस्यों की एक समिति बनाई गई है. राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह समिति प्रस्तावित विधेयक का व्यापक अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी.
A 9-member committee formed to examine the draft Uniform Civil Code, West Bengal, 2026 Bill. pic.twitter.com/hz76Ar1YnZ
अधिसूचना में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य का प्रयास होना चाहिए कि नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू की जाए. इसी उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने स्तर पर ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड, वेस्ट बंगाल-2026’ का मसौदा तैयार किया है, जिसमें विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और वसीयत जैसे व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े विषय शामिल हैं.
समिति की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजन प्रकाश देसाई करेंगे. इसके अलावा मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दुष्यंत नारायला, शत्रुघ्न सिन्हा, संगमित्रा घोष, डॉ. रत्ना भट्टाचार्य, गोपालचंद्र मिश्रा, ओस्मान गनी मलिक और निर्मल्या भट्टाचार्य को समिति का सदस्य बनाया गया है.
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वहीं, सरकार के अनुसार, यह समिति ड्राफ्ट बिल के कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करेगी और उसके बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. इसके आधार पर आगे की विधायी प्रक्रिया तय की जाएगी.