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पश्चिम बंगाल

चुनाव से पहले कोलकाता में ED का बड़ा एक्शन, कौन है सोना पप्पू? जिसके ठिकाने पर छापे

कोलकाता में ED का बड़ा एक्शन! रियल एस्टेट कारोबारी 'सोना पप्पू' के ठिकानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप. आरोप यह है कि उसने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के नाम पर आम जनता से करोड़ों रुपये जमा कराए, लेकिन सालों बाद भी लोगों को उनके सपनों का घर नसीब नहीं हुआ.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Apr 1, 2026 10:56
sona pappu

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर एक्शन मोड में है. बुधवार सुबह केंद्रीय एजेंसी की टीम ने दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में स्थित रियल एस्टेट कारोबारी सोना पप्पू (बिस्वजीत पोड्डार) के घर पर दबिश दी. सूत्रों के मुताबिक, सोना पप्पू पर आरोप है कि उन्होंने कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फ्लैट देने का वादा कर ग्राहकों से मोटी रकम वसूली, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी न तो लोगों को घर मिला और न ही उनके पैसे वापस किए गए. जांच एजेंसी को इनपुट मिले थे कि ग्राहकों से जुटाए गए फंड को अवैध रूप से दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया और व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया.
ईडी अब सोना पप्पू के बैंक खातों, निवेश के दस्तावेजों और उनकी कंस्ट्रक्शन कंपनी के वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है. छापेमारी का मुख्य उद्देश्य इस कथित घोटाले से जुड़े ‘मनी ट्रेल’ का पता लगाना और मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत जुटाना है.

विवादों से पुराना नाता है ‘सोना पप्पू’ का

बिस्वजीत पोड्डार, जिसे इलाके में ‘सोना पप्पू’ के नाम से जाना जाता है, का विवादों से पुराना नाता रहा है. वह पहले ही कई आपराधिक मामलों में पुलिस के रडार पर रहा है. बताया जाता है कि शुरुआत में अपने पिता की सोने की दुकान संभालने के कारण उन्हें ‘सोना’ नाम मिला. उसपर हत्या का प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट के तहत करीब 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. इसी साल फरवरी में कोलकाता के कंकुलिया रोड पर हुई हिंसक झड़प और गोलीबारी में भी सोना पप्पू का नाम प्रमुखता से सामने आया था, जिसके बाद से वह काफी चर्चा में थे.

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राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच!

ईडी की इस कार्रवाई से कोलकाता के रियल एस्टेट गलियारों में हड़कंप मच गया है. चर्चा है कि सोना पप्पू के कुछ रसूखदार लोगों और राजनीतिक हस्तियों के साथ भी करीबी संबंध रहे हैं. जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इस गबन के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था. फिलहाल छापेमारी जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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First published on: Apr 01, 2026 10:56 AM

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