Tuesday, September 27, 2022
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Prayagraj News: महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद एक साल से सील कमरा खुला, निकला करोड़ों का खजाना

प्रयागराज में गुरुवार को महंत नरेंद्र गिरि की मौत के करीब एक साल बाद उनका सीलबंद कमरा खोला गया है। कमरे को खोलते ही सभी के होश उड़ गए।

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) में गुरुवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत के करीब एक साल बाद उनका सीलबंद कमरा खोला गया है। कमरे को खोलते ही जांच करने वाली टीम के साथ पुलिस और मठ के संतों के होश उड़ गए। बता दें कि प्रयागराज के बाघंबरी मठ (baghambari math) के अतिथि गृह में 20 सितंबर 2021 को महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे से लटका मिला था। तभी से उनका कमरा सीज था। मठ के नए महंत बलवीर गिरी ने कमरे को खुलवाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में याचिका दायर की थी।

बाघंबरी मठ पहुंची CBI की टीम, साथ में रहा जिला प्रशासन

वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को सीबीआई की टीम स्थानीय पुलिस के साथ श्रीमठ बाघंबरी गद्दी पहुंची। यहां टीम ने महंत नरेंद्र गिरि के कमरे को खोल कर सर्वेक्षण किया। सीबीआई टीम के साथ जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान मठ का मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। सीबीआई के एडिशनल एसपी और इंस्पेक्टर समेत बैंक के अधिकारी और रजिस्ट्रार भी टीम के साथ मौजूद रहे।

तीन करोड़ रुपये और करोड़ों के जेवरात

प्रयागराज के सीओ चतुर्थ राजेश यादव ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बादज करीब एक साल से सील बंद कमरे का ताला सीबीआई ने खोला है। उनके कमरे से करीब तीन करोड़ की नगदी, करोड़ों रुपये के जेवरात, करोड़ों रुपये कीमत वाली जमीन के दस्तावेज, नौ कुंटल देशी घी, 13 कातूस और वसीयत समेत अन्य सामान मिले हैं। सबी चिजों को मठ के नए महंत बलवीर गिरि को सौंप दिया गया। वहीं महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके कमरे में खोले जाने की खबर पूरे देश में फैल गई। इस दौरान पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई गई।

अपने ही शिष्य पर लगाया था ब्लैकमेलिंग का आरोप

कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बाघंबरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि ने 20 सितंबर 2021 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस खबर के बाहर आने के बाद साधु समाज समेत पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। सामने आया था कि महंत नरेंद्र गिरि ने अपने ही शिष्य आनंद गिरि पर आरोप लगाए थे। कहा था कि उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास से मिले सुसाइड नोट और जांच के बादपर सीबीआई उनके शिष्य आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। वर्तमान में तीनों जेल में हैं।

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