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कौन हैं संतोष दुबे? जिन्होंने बढ़ाई चंपत राय की मुश्किलें, SIT को सौंपा 75 पन्नों का सबूत, लगाए गंभीर आरोप

SIT को सौंपे गए 75 पन्नों के दस्तावेजों में संतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि राजस्थान के वंशी पहाड़पुर से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव होने के बावजूद ट्रस्ट ने अधिक कीमत पर पत्थर खरीदे.

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक के बाद एक कई ट्विस्ट सामने आ रहे हैं. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के खिलाफ अब संतोष दुबे ने SIT को कई अहम सबूत सौंपे हैं. करीब 75 पन्नों की फाइल में संतोष दुबे ने चंपत राय पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके चलते पूर्व महासचिव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ये वही संतोष दुबे हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही एसआईटी पर ही भरोसा जताने से इनकार कर दिया था. उन्होंने एसाआईटी की जांच व्यवस्था पर ही सवाल खड़ा कर दिया था.

कौन हैं संतोष दुबे?

संतोष दुबे वही व्यक्ति हैं जिन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सबसे पहले राम जन्मभूमि थाने में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. संतोष दुबे का नाम राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़ा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महज 16 वर्ष की आयु में संतोष कारसेवक के रूप में आंदोलन में शामिल हुए थे और 6 दिसंबर 1992 की घटनाओं के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. आंदोलन के दौरान उन्हें चार गोलियां लगीं, शरीर की 17 हड्डियां टूट गईं और वह कई दिनों तक कोमा में रहे.

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चंपत राय पर लगाए कई गंभीर आरोप


संतोष के मुताबिक उनके खिलाफ अलग-अलग समय पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई भी हुई थी, वो खुद को राम मंदिर आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ताओं में गिनते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने जांच एजेंसी को आठ मामलों पर सबूत दिए हैं. इनमें कथित तौर पर जमीन खरीद में अनियमितता, मंदिर से मूर्तियां गायब होने के आरोप, विभिन्न व्यक्तियों के सार्वजनिक बयान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध वीडियो और इंटरव्यू भी शामिल हैं.

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ऊंची कीमतों पर खरीदे मुफ्त मिल रहे सामान


SIT को सौंपे गए 75 पन्नों के दस्तावेजों में संतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि राजस्थान के वंशी पहाड़पुर से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव होने के बावजूद ट्रस्ट ने अधिक कीमत पर पत्थर खरीदे. इसके अलावा उन्होंने कुछ जमीनों की खरीद में बाजार मूल्य से कहीं अधिक भुगतान किए जाने का भी दावा किया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सरकारी और विवादित भूमि के सौदों में नियमों की अनदेखी की गई.

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First published on: Jul 14, 2026 10:11 AM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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