---विज्ञापन---

यूपी चुनाव से पहले वक्फ बोर्ड पर छिड़ी नई जंग, योगी सरकार के पुनर्गठन प्लान पर क्या बोला विपक्ष?

Waqf Board reconstitution: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है. मध्य प्रदेश की तर्ज पर अब यूपी में भी वक्फ बोर्ड के नए सिरे से गठन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने साफ किया है कि नए वक्फ कानून के तहत यूपी वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया जाएगा.

---खबर नीचे जारी है---

Waqf Board reconstitution: उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर योगी सरकार के फैसले ने नई सियासी बहस छेड़ दी है. अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने साफ कर दिया है कि नए कानून के तहत यूपी वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन होगा और उसमें व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा. सरकार इसे पारदर्शिता और सुधार का कदम बता रही है, लेकिन विपक्ष इसे मुसलमानों के धार्मिक मामलों में दखल और राजनीतिक एजेंडा करार दे रहा है. बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस पर आपत्ति जताई है.

मध्य प्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की तैयारी तेज हो गई है. अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा है कि नए वक्फ कानून के तहत यूपी वक्फ बोर्ड का गठन किया जाएगा जिसमें व्यापक प्रतिनिधित्व होगा. सरकार का दावा है कि इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और व्यवस्था पहले से ज्यादा जवाबदेह बनेगी.

---खबर नीचे जारी है---

विपक्ष ने योगी सरकार पर बोला तीखा हमला

मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. समाजवादी पार्टी का आरोप है कि सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही है. सपा प्रवक्ता मनोज यादव ने कहा कि अगर वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जा सकता है तो फिर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में भी एक-दो मुस्लिम सदस्यों को जगह दी जानी चाहिए. सपा का कहना है कि सरकार समानता की बात करती है तो उसे हर धार्मिक संस्थान पर एक जैसा नियम लागू करना चाहिए.

वक्फ बोर्ड का मुद्दा अब सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाकर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है. प्रियंका गुप्ता का कहना है कि रोजगार, महंगाई और किसानों के सवालों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दे उछाले जा रहे हैं.

---खबर नीचे जारी है---

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जताई आपत्ति

इस पूरे विवाद पर कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और वक्फ से जुड़े लोगों ने भी आपत्ति जताई है. इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के प्रवक्ता सुफियान निज़ामी का कहना है कि वक्फ शरीयत से जुड़ा धार्मिक विषय है और उसके संचालन में अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप उचित नहीं है. उनका तर्क है कि धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए.

बीजेपी के मुस्लिम नेताओं ने किया समर्थन

हालांकि बीजेपी के मुस्लिम नेताओं ने सरकार के फैसले का खुलकर समर्थन किया है. पूर्व मंत्री मोहसिन राजा का कहना है कि वर्षों से वक्फ संपत्तियों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं. नए कानून और नए ढांचे से पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और वक्फ की संपत्तियों का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचेगा.

---खबर नीचे जारी है---

यूपी में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. बीजेपी इसे पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार का एजेंडा बता रही है, जबकि सपा, कांग्रेस और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक मामलों में दखल और ध्रुवीकरण की राजनीति बता रहे हैं. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वक्फ बोर्ड का मुद्दा हिंदू-मुस्लिम राजनीति की नई बहस को कितना तेज करेगा और इसका सियासी फायदा किसे मिलेगा, इस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी रहेगी.

First published on: Jul 09, 2026 11:34 PM

End of Article

About the Author

Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola