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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 859 अवैध सेटबैक्स तोड़ने का दिया आदेश, अधिकारियों को लगाई फटकार

मेरठ के शास्त्री नगर में 859 अवैध सेटबैक हटाने का सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश. दो महीने में डेमोलिशन, 44 व्यावसायिक संपत्तियां सील, लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार.

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Written By: Sanjeev Trivedi Updated: Apr 9, 2026 15:13

मेरठ के शास्त्री नगर में अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने 859 संपत्तियों में बनाए गए अवैध सेटबैक (खुली जगह) को दो महीने के भीतर हटाने का आदेश दिया है. साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई या छूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सेटबैक नियमों का पालन अनिवार्य है और इन्हें किसी भी स्थिति में नियमित (रेगुलराइज) नहीं किया जा सकता. यानी जुर्माना भरकर या किसी अन्य तरीके से इन अवैध निर्माणों को वैध नहीं बनाया जा सकता. कोर्ट ने यह भी कहा कि इन नियमों का उल्लंघन शहर की व्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है.

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आदेश के अनुसार, संबंधित संपत्ति मालिकों को पहले नोटिस दिया जाएगा और उन्हें 10 से 15 दिन का समय मिलेगा ताकि वे खुद ही अवैध निर्माण हटा सकें. यदि तय समय में कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रशासन खुद डेमोलिशन करेगा और उसका खर्च भी संपत्ति धारकों से ही वसूला जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने 44 व्यावसायिक संपत्तियों को तुरंत सील करने का आदेश दिया है, जबकि बाकी 815 संपत्तियों के लिए अलग योजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से अवैध निर्माण हटाए जाएंगे.

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साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि स्कूल, अस्पताल और बैंक जैसे संस्थानों को भी इन पूरी तरह अवैध भवनों में चलने देना गंभीर लापरवाही है. मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2026 में होगी.

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First published on: Apr 09, 2026 03:13 PM

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