उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उन पर कलेक्ट्रेट परिसर से मस्जिद हटाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करने का आरोप है.
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जरीवाला को सोमवार शाम सर्किट हाउस पहुंचने के बाद गिरफ्तार किया गया. वह कलेक्ट्रेट परिसर से मस्जिद हटाने के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के सिलसिले में वहां गई थीं. अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) व्योम बिंदल ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
---विज्ञापन---
वकील की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, जरीवाला के खिलाफ कार्रवाई वकील दुष्यंत सिंह की शिकायत के बाद की गई. दुष्यंत सिंह ने सोमवार सुबह सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.शिकायत में आरोप लगाया गया कि हुदा जरीवाला ने कलेक्ट्रेट परिसर से मस्जिद हटाने की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री और प्रशासन के खिलाफ 'आपत्तिजनक, अशोभनीय और भड़काऊ' बयान दिए. शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इन टिप्पणियों से लोगों में नाराजगी पैदा हो सकती है और इलाके की शांति व सांप्रदायिक सद्भाव पर असर पड़ सकता है. पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है.
कौन हैं हुदा जरीवाला?
हुदा जरीवाला खुद को पत्रकार, यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता बताती हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सऊदी टीवी चैनल 2 में समाचार एंकर के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने 2015 से 2021 के बीच बीबीसी और नोएडा स्थित एक चैनल के साथ काम किया.
---विज्ञापन---
वह आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में पार्टी के लिए प्रचार किया था.
5 सितंबर को हटाई गई थी मस्जिद
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को 5 सितंबर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया था. इस मामले की शुरुआत 2025 में हुई थी, जब बजरंग दल के क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की थी.याचिका में कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद इस संरचना को अवैध बताया गया था. इसके बाद सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे अवैध घोषित करते हुए हटाने का आदेश दिया.
---विज्ञापन---
मस्जिद प्रबंधन समिति ने इस आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी. हालांकि, अदालत ने 2 सितंबर को अपील खारिज कर दी. इसके बाद 5 सितंबर को मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की गई.
---विज्ञापन---