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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

शादी में शामिल होने पर सियासी बवाल, संभल विधायकों से अखिलेश यादव नाराज

संभल के एसपी के के बिश्नोई के शादी समारोह में सपा विधायकों की मौजूदगी से सियासी घमासान तेज. अखिलेश यादव नाराज, बीजेपी ने उठाए पार्टी के अंदर लोकतंत्र पर सवाल.

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Edited By : Bhawna Dubey Updated: Apr 3, 2026 17:53

संभल के एसपी के के बिश्नोई के शादी समारोह में सपा नेताओं और विधायकों की मौजूदगी ने समाजवादी पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज कर दी है. जोधपुर में हुए इस रिसेप्शन में सपा के तीन विधायकों के पहुंचने से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव नाराज बताए जा रहे हैं. अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताई है और कहा है कि पार्टी के लोगों को ऐसे कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए. वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे पर सपा पर तंज कसते हुए पार्टी के अंदर लोकतंत्र पर सवाल खड़े किए हैं.

उत्तर प्रदेश कैडर के दो आईपीएस अधिकारियों संभल के एसपी के के बिश्नोई और बरेली की एसपी अंशिका वर्मा के विवाह का रिसेप्शन 30 मार्च को जोधपुर में आयोजित हुआ था. इस ग्रैंड रिसेप्शन में बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के साथ संभल से समाजवादी पार्टी के तीन विधायक इकबाल महमूद पिंकी यादव और राम खिलाड़ी यादव भी पहुंचे थे.

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विधायकों ने स्टेज पर जाकर नवविवाहित जोड़े के साथ फोटो खिंचवाई और कार्यक्रम में शामिल हुए. जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं मामला सीधे लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय तक पहुंच गया. जिसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने नाराजगी जाहिर करते हुए साफ कहा, हमारे लोगों को वहां नहीं जाना चाहिए था, हम उनसे इस बारे में बात करेंगे.

दरअसल संभल की जामा मस्जिद सर्वे के बाद हुई हिंसा बुलडोजर कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार संभल पुलिस प्रशासन और खास तौर पर एसपी के के बिश्नोई पर हमलावर रही है. ऐसे में पार्टी विधायकों का उसी अधिकारी के निजी कार्यक्रम में पहुंचना सपा के अंदर असहजता का कारण बन गया है. वहीं इस पूरे विवाद पर बीजेपी ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए तंज कसा है. बीजेपी का कहना है कि सपा में लोकतंत्र नहीं है और विधायकों को निजी सामाजिक जीवन जीने की भी आजादी नहीं है.

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क्या किसी की शादी में जाने के लिए भी अखिलेश यादव से परमिशन लेनी पड़ेगी, समाजवादी पार्टी में लोकतंत्र नहीं है.

फिलहाल इस पूरे मामले ने समाजवादी पार्टी के अंदर अनुशासन और राजनीतिक संदेश को लेकर नई बहस छेड़ दी है. अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या इन विधायकों से जवाब तलब किया जाता है.

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First published on: Apr 03, 2026 05:52 PM

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