अयोध्या में भव्य राम मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति हो चुकी है. पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद जितेंद्र मिश्रा का पहला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं और मंदिर के प्रति अपनी आस्था को साझा किया. जितेंद्र मिश्रा ने अपनी नई जिम्मेदारी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे इसे अपना बड़ा सौभाग्य मानते हैं. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मैं इसे अपना भाग्य मानता हूं और मेरे लिए यह सीधे ईश्वर का आदेश है.” उन्होंने साफ किया कि उनका पूरा फोकस मंदिर से जुड़े हर काम को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और बेहतर तरीके से करने पर रहेगा.
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सख्त चयन प्रक्रिया के बाद मिली जिम्मेदारी
राम मंदिर के सीईओ का चयन आसान नहीं था. इसके लिए काफी कड़े मानक तय किए गए थे. जितेंद्र मिश्रा ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि चयन की प्रक्रिया काफी कठिन और सख्त थी. ऐसे महत्वपूर्ण पद के लिए उन पर भरोसा जताने को लेकर उन्होंने चयन समिति का दिल से आभार जताया.
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‘इतिहास से सीखकर आगे बढ़ेंगे’
अपनी कार्ययोजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे कोई भी कदम उठाने से पहले यहां के इतिहास और परंपराओं को गहराई से समझेंगे. इतिहास से सीख लेकर ही आगे की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों रामभक्तों को बेहतर से बेहतर अनुभव मिल सके. जितेंद्र मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि वे मंदिर के विकास और व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.
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