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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

झांसी नगर निगम में हाईवोल्टेज ड्रामा! होर्डिंग हटाने पर भड़के पार्षद, 2 घंटे तक ऑफिस में कैद रहीं IAS आकांक्षा राणा

झांसी में पार्षद के बेटे की शादी की होर्डिंग हटाने पर भारी बवाल हो गया. नाराज पार्षदों ने नगर निगम गेट पर कब्जा कर लिया, जिससे कमिश्नर आकांक्षा राणा दो घंटे तक ऑफिस में कैद रहीं.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 11, 2026 12:16

यूपी के झांसी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. एक पार्षद के बेटे की शादी की होर्डिंग हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि नगर निगम दफ्तर जंग का अखाड़ा बन गया. दरअसल नवाबाद इलाके में लगी एक होर्डिंग को नगर निगम की टीम ने अवैध बताकर हटवा दिया था जिससे नाराज होकर भाजपा और अन्य दलों के दो दर्जन से ज्यादा पार्षद विरोध पर उतर आए. दोपहर करीब 4 बजे पार्षदों ने नगर निगम के मुख्य गेट पर कब्जा कर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. इस हंगामे के चलते नगर आयुक्त आकांक्षा राणा करीब दो घंटे तक अपने ही ऑफिस के भीतर फंसी रहीं. पार्षदों ने दफ्तर की घेराबंदी इस कदर की थी कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का अंदर-बाहर जाना पूरी तरह बंद हो गया था.

अफसर की चाबी छीनी और जमकर हुई नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और ज्यादा गरमा गया जब सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार मौके पर पहुंचे. प्रदर्शनकारी पार्षदों ने न सिर्फ उन्हें वापस लौटा दिया बल्कि उनकी सरकारी गाड़ी की चाबी तक छीन ली. पार्षदों का आरोप है कि नगर आयुक्त अपनी मनमानी कर रही हैं और पार्षदों द्वारा दिए गए विकास कार्यों के प्रस्तावों पर कोई काम नही किया जा रहा है. पार्षद दिनेश प्रताप बुंदेला ने कहा कि काम न होने की वजह से जनता के बीच उनकी छवि खराब हो रही है. शाम 6 बजे तक जब हंगामा शांत नही हुआ तो मौके पर भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षा घेरा बनाकर नगर आयुक्त आकांक्षा राणा को सुरक्षित बाहर निकाला.

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प्रशासनिक रुख और आंदोलन की चेतावनी

इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त आकांक्षा राणा का कहना है कि शहर में सभी विकास कार्य नियम के अनुसार कराए जा रहे हैं और अगर किसी को कोई समस्या है तो उन्हें टेबल पर आकर बात करनी चाहिए. हालांकि पार्षदों का गुस्सा शांत नही हुआ है और उन्होंने नगर निगम प्रशासन को बड़ी चेतावनी दी है. पार्षदों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों और प्रस्तावों पर जल्द सुनवाई नही हुई तो वे कल से दोबारा अधिकारियों को ‘ऑफिस अरेस्ट’ करेंगे यानी उन्हें दफ्तर में ही बंद कर देंगे. इस घटना के बाद से झांसी के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है.

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First published on: Mar 11, 2026 12:15 PM

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