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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक शांति के लिए बनी हाई लेवल कमेटी, तैनात किए गए बड़े अफसर

गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक विवादों को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है. वरिष्ठ अधिकारियों की यह टीम जल्द ही विवादों का समाधान कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

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Written By: Raja Alam Updated: Apr 13, 2026 17:48

उत्तर प्रदेश शासन ने जनपद गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक असामंजस्य और विवाद की स्थिति को देखते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य इलाके के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले सभी पक्षों और स्टेकहोल्डर्स के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करना है ताकि जिले में औद्योगिक सौहार्द और शांति व्यवस्था हर हाल में कायम रहे. सरकार का मानना है कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए उद्यमियों और श्रमिकों के बीच आपसी तालमेल होना बहुत जरूरी है. इसी दिशा में शासन ने यह ठोस कदम उठाया है ताकि विकास की रफ्तार में कोई बाधा न आए और कानून व्यवस्था की स्थिति भी मजबूत बनी रहे.

दिग्गज अफसरों और संगठनों को मिली जिम्मेदारी

इस गठित की गई विशेष समिति की कमान औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश को सौंपी गई है जो इस पूरी टीम के अध्यक्ष होंगे. उनके साथ समिति में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में नामित किया गया है. प्रशासन के साथ-साथ इसमें जमीनी स्तर की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए श्रमिक संगठनों के 05 प्रतिनिधि और उद्यमी संघों के 03 प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया है. साथ ही उत्तर प्रदेश (कानपुर) से नामित एक अधिकारी को सदस्य सचिव की भूमिका दी गई है ताकि औद्योगिक विवादों का समाधान तकनीकी और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर किया जा सके.

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एक्शन मोड में कमेटी और जल्द आएगी रिपोर्ट

गठन के तुरंत बाद ही यह उच्च स्तरीय समिति जनपद गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और पूरे मामले की जांच के लिए एक्टिव मोड में नजर आ रही है. समिति के सदस्य प्राथमिकता के आधार पर वर्तमान स्थिति और विवाद से संबंधित सभी प्रकरणों का बारीकी से परीक्षण कर रहे हैं ताकि समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सके. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट और समाधान की आख्या बहुत जल्द शासन को पेश करेगी. इस पूरी कार्रवाई को पश्चिम उत्तर प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों और वहां काम करने वाले लाखों लोगों के हित में एक बड़ा और सकारात्मक फैसला माना जा रहा है जिससे आने वाले दिनों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है.

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First published on: Apr 13, 2026 05:46 PM

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