इंजीनियर की मौत मामले में हुआ पहला एक्शन, नोएडा अथॉरिटी के CEO पर गिरी गाज; SIT 5 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुए एक दर्दनाक हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. सीएम योगी ने इस मामले में 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है और उन्हें 5 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुए एक दर्दनाक हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. सीएम योगी ने इस मामले में 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है और उन्हें 5 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. वहीं, मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर लोकेश एम को हटा दिया गया. शासन ने यह फैसला लिया है.
बता दें कि नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की गाड़ी पानी से भरे एक गड्ढे में जा गिरी थी. कई कोशिशों के बाद भी युवराज को नहीं बचाया जा सका. युवराज के परिवार और घटना के समय वहां मौजूद लोगों ने प्रशासन और रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी होने के भी आरोप लगाए हैं.
वहीं, इस घटना के बाद मामला बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया है. सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया है. इस एसआईटी का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे. उनके अलावा मेरठ के एडीजी जोन व चीफ इंजीनियर PWD भी इस एसआईटी का हिस्सा हैं. ये एसआईटी 5 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी.
90 मिनट तक कार की छत पर खड़े रहे युवराज
बताया जा रहा है कि कार के गड्ढे में गिरने के बाद युवराज 90 मिनट तक कार की छत पर खड़े रहे और मदद के लिए चिल्लाते रहे. लेकिन इस दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और घटना के बाद से ही प्रशासन और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
इस मामले में एक अधिकारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं जबकि दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस के अनुसार, इस घटना के संबंध में दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में हुए एक दर्दनाक हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. सीएम योगी ने इस मामले में 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है और उन्हें 5 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. वहीं, मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर लोकेश एम को हटा दिया गया. शासन ने यह फैसला लिया है.
बता दें कि नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की गाड़ी पानी से भरे एक गड्ढे में जा गिरी थी. कई कोशिशों के बाद भी युवराज को नहीं बचाया जा सका. युवराज के परिवार और घटना के समय वहां मौजूद लोगों ने प्रशासन और रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी होने के भी आरोप लगाए हैं.
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वहीं, इस घटना के बाद मामला बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया है. सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया है. इस एसआईटी का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे. उनके अलावा मेरठ के एडीजी जोन व चीफ इंजीनियर PWD भी इस एसआईटी का हिस्सा हैं. ये एसआईटी 5 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी.
90 मिनट तक कार की छत पर खड़े रहे युवराज
बताया जा रहा है कि कार के गड्ढे में गिरने के बाद युवराज 90 मिनट तक कार की छत पर खड़े रहे और मदद के लिए चिल्लाते रहे. लेकिन इस दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और घटना के बाद से ही प्रशासन और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
इस मामले में एक अधिकारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं जबकि दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस के अनुसार, इस घटना के संबंध में दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.