कोलकाता से अमरदेव पासवान की रिपोर्टः पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉक्टर सीवी आनंद बोस के लिये आज का दिन बहुत खास है। खास इसलिये की आज एक तरफ जहां पूरा देश 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, तो वहीं दूसरी ओर विधा की देवी मां सरस्वती की पूजा भी है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के राजभवन में भी आज का दिन कुछ खास तरह से मनाया जा रहा हैं। ममता सरकार राजभवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर हांथे खोरी कार्यक्रम का आयोजन कर रही हैं
और पढ़िए – जमीन पर टैंकों की दहाड़, आसमान में गरजा राफेल, कर्तव्य पथ पर भारत ने दिखाई अपनी ताकत
राज्यपाल ने जताई थी बांग्ला भाषा सीखने की इच्छा
इस कार्यक्रम का नाम उन्होंने हाथे खोरी इसलिए रखा है, क्योंकि गुरुवार को विधा की देवी मां सरस्वती की पूजा भी है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉक्टर सीवी आनंद बोस ने अपने शपथ ग्रहण के दौरान यह इच्छा प्रकट की थी की वह बंगाल की समस्याओं को अच्छे से समझने के लिये बांग्ला भाषा सीखना चाहेंगे। वहीं बंगाल के नवनियुक्त राज्यपाल की इच्छा पर ख़ुशी और प्रसन्नता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने कहा था की जिस दिन वह बांग्ला भाषा सीखने की शुरुआत करेंगे, उस दिन वह खुद राजभवन मे उपस्थित रहेंगी।
जानें क्या है हाथे खोरी
संयोग से आज के दिन गणतंत्र दिवस के साथ-साथ मां सरस्वती की पूजा भी है, ऐसे में आज के दिन को शुभ माना गया। जिसके तहत मुख्यमंत्री ने राजभवन मे गणतंत्र दिवस के मौके पर हाथे खोरी नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन करवा दिया। बंगाली प्रथा में हाथे खोरी का आयोजन सरस्वती पूजा के मौके पर ही किया जाता है, जिस कार्यक्रम मे मां सरस्वती की पूजा याचना के बाद बच्चों के हाथों मे विधि-विधान के साथ पुरोहित के मंत्रोच्चारण के दौरान स्लेट और पेंसिल दी जाती है, साथ ही बच्चों के हाथों से पहला अक्षर भी लिखवाया जाता है।
शुभेंदु अधिकारी को मिला है न्यौता
मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल डॉक्टर सीवी आंनद बोस को बंगाली भाषा की ज्ञान दिलवाना चाहती हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह बंगाली प्रथा मे बच्चों को ज्ञान के पहले पाठ से अवगत करवाया जाता है। हालांकि इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को भी उपस्थित रहने का न्योता दिया गया है, पर वह इस कार्यक्रम मे उपस्थित होंगे या नहीं इस पर अब भी संशय है।
और पढ़िए – Bharat Jodo Yatra के बाद आज से कांग्रेस का ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान, जानें क्या है पार्टी का लक्ष्य
केरल में हुई राज्यपाल की परवरिश
बताते चलें की राज्यपाल डॉक्टर सीवी आंनद बोस के माता पिता बांग्ला भाषी रहे हैं, लेकिन राज्यपाल की परवरिश केरल में होने के कारण उनकी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में ही पकड़ रही। वह बांग्ला भाषा से कोसों दूर रहे, फिलहाल उनकी बांग्ला भाषा सीखने और समझने की इच्छा बंगाल की जनता के लिये कार्य करने का एक अलग ही अनुभव उनको देगा।
और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
संबंधित खबरें
दिल्ली में आज 30 सड़कें बंद, डायवर्ट रहेगा रूट; यहां पढ़ें ट्रैफिक एडवाइजरी
1 hr agoदिल्ली मेट्रो पर बड़ा अपडेट, अब 57 नहीं 45 स्टेशन बंद; कर सकेंगे इंटरचेंज
9 hrs agoदिल्ली में 10 अक्टूबर को इन रास्तों पर जाने से बचें, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
10 hrs agoजंतर-मंतर इलाके में बंद रहेगा इंटरनेट, एयरटेल-Jio और MTNL को दिए निर्देश
12 hrs agoदिल्ली में सख्त पाबंदी! स्कूल से लेकर मेट्रो और इंटरनेट तक, क्या-क्या बंद?
12 hrs agoमध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण को झटका, 14% रिजर्वेशन ही रहेगा लागू
13 hrs agoCJP प्रदर्शन के चलते दिल्ली में अलर्ट! CP में कल दुकानें-रेस्टोरेंट बंद
14 hrs agoयूपी में 10 राज्यसभा सांसद निर्वाचित, BJP के 8, सपा के 2 MP निर्विरोध जीते
15 hrs agoअनुमति नहीं मिलने पर भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी CJP, दीपके का ऐलान
15 hrs agoदिल्ली में कल स्कूलों में चलेंगी ऑनलाइन क्लास, कॉलेजों में परीक्षा स्थगित
15 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines