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Rajasthan: कोटा में फिर आत्महत्या वाला कांड; इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्र ने दी जान, साल का 20वां मामला

Rajasthan: कोटा में एक के बाद एक कोचिंग छात्र सुसाइड कर रहे है। शुक्रवार को महावीर नगर के पीजी में रह रहे बिहार के मोतीहारी निवासी भार्गव मिश्रा ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।4 महीने पहले घर से आया […]

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Rajasthan: कोटा में एक के बाद एक कोचिंग छात्र सुसाइड कर रहे है। शुक्रवार को महावीर नगर के पीजी में रह रहे बिहार के मोतीहारी निवासी भार्गव मिश्रा ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

4 महीने पहले घर से आया था

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मूल रूप से बिहार के मोतीहारी निवासी भार्गव मिश्रा महावीर नगर थर्ड में एक किराए का कमरा लेकर रहता था। शुक्रवार शाम को उसके पिता ने काॅल किया लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। तो उसके पिता ने मकान मालिका को फोन किया। मकान मालिक ने फोन कर उसे आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद खिड़की खोलकर देखने पर पता चला कि भार्गव ने पानी के पाइप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि पुलिस को फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

महावीर नगर थाने के एसएसओ ने बताया कि भार्गव पिछले चार महीने से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। मामले की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है।

कोटा अब आत्महत्या के लिए बदनाम

राजस्थान का कोटा अपने कोचिंग सेंटरों के लिए मशहूर है और अब छात्रों की आत्महत्या के लिए बदनाम है। अनुमान है कि इस शैक्षणिक सत्र में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए 2.25 लाख से अधिक छात्र शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में कक्षाएं ले रहे हैं।

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मई में 5 छात्रों ने की थी आत्महत्या

अकेले मई में, कोटा में 9 मई से 27 मई के बीच कम से कम पांच छात्रों ने आत्महत्या की थी। छात्रों के माता-पिता का आरोप है कि प्रतिस्पर्धी माहौल के कारण होने वाले तनाव से निपटने के लिए छात्रों को उचित परामर्श नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि हर साल, देश भर से लाखों छात्र देश के टॉप इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रमुख शिक्षा केंद्र में आते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, कोटा में कई छात्रों की आत्महत्या से मृत्यु हो गई है। कई लोगों ने इसके लिए छात्रों में पढ़ाई के दबाव और फेल होने के डर को जिम्मेदार ठहराया है।

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First published on: Aug 05, 2023 02:53 PM

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