राजस्थान में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स ने एक ही दिन में ताबड़तोड़ 4 बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क पर जोरदार प्रहार किया है. चार अलग-अलग ऑपरेशनों में टीम ने करोड़ों की अवैध मादक पदार्थ बरामद किए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया. एक ही दिन में अलग-अलग जिलों में की गई चार कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में तस्करों से अफीम, डोडा-पोस्त और एमडीएमए जब्त किया गया है.
एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार के अनुसार इन बरामदगी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये आंकी गई है. इस दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक इनामी तस्कर भी शामिल है.
3 करोड़ की ड्रग्स जब्त
ANTF ने महज 24 घंटे के भीतर अलग-अलग जिलों राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में कार्रवाई करते हुए करीब 57.640 किलो अफीम, 35.920 किलो डोडा पोस्त और 21.83 ग्राम MDMA जब्त किया. इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है।
फिल्मी अंदाज में पकड़ाए तस्कर
राजसमंद जिले में ANTF ने फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई करते हुए दो बड़े तस्करों भंवर सिंह और उसके बेटे जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया. दोनों कारों में करीब 58 किलो अफीम ले जा रहे थे. पुलिस ने पीछा कर गाड़ी के टायर पंचर किए और आरोपियों को दबोच लिया. आरोपी पहले भी ड्रग्स तस्करी के मामलों में जेल जा चुका था. इस कार्रवाई को ANTF की हालिया सबसे बड़ी सफलताओं में माना जा रहा है. यह कार्रवाई लंबे समय से निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर की गई.
25 हजार का इनामी गिरफ्तार
बांसवाड़ा में ANTF ने 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर दशरथ को गिरफ्तार किया. आरोपी लंबे समय से फरार था. पहचान छिपाकर किराने की दुकान चला रहा था. मध्यप्रदेश और गुजरात में छिपा हुआ था. चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में भी कार्रवाई चित्तौड़गढ़ में एक कार और बाइक से डोडा पोस्त और MDMA बरामद किया गया. भीलवाड़ा में चाय की दुकान की आड़ में ड्रग्स बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई प्रशिक्षित डॉग की मदद से छापेमारी सफल रही.
तस्करी का नेटवर्क और खुलासे
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई नाम उजागर किए हैं. ANTF को इससे आगे और बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है. एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार का कहना है कि हाल के महीनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.










