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राजस्थान

पोलैंड के डिप्टी PM सिकोरस्की ने पुतिन पर उठाए सवाल, रूस-चीन की नजदीकी के गिनाए जोखिम

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में इस बार वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अहम सत्र देखने को मिला. विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए पोलैंड के डिप्टी PM और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध, यूरोपीय सुरक्षा, नाटो की भूमिका और वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स पर खुलकर बात की.

Author Written By: kj.srivatsan Updated: Jan 18, 2026 19:05
Polish Deputy PM Sikorski, Russian President Putin
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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर सवाल उठाए और कहा कि पुतिन ने यूक्रेन पर हमले को महज तीन दिन का ‘स्पेशल ऑपरेशन’ समझा था, लेकिन यह संघर्ष एक लंबे और विनाशकारी युद्ध में बदल गया. इसका खामियाजा न सिर्फ यूक्रेन बल्कि खुद रूस भी भुगत रहा है. उन्होंने कहा कि हर साल अरबों डॉलर युद्ध पर खर्च हो रहे हैं और बड़ी संख्या में रूसी सैनिक अपनी जान गंवा रहे हैं, जिससे रूस की आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय स्थिति कमजोर हो रही है. इससे पहले सिकोरस्की ने ‘A Continent in Crisis: Russia, Ukraine and Europe’ विषय पर आयोजित सत्र में यूरोप की सुरक्षा चुनौतियों, नाटो की भूमिका और बदलती वैश्विक राजनीति पर खुलकर बात रखी.

रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरे यूरोप को झकझोरा

रूस-यूक्रेन युद्ध के मानवीय पहलुओं पर बात करते हुए सिकोरस्की ने कहा कि इस संघर्ष ने पूरे यूरोप को झकझोर कर रख दिया है. यूक्रेन में हजारों लोग मारे गए हैं, कई शहर तबाह हो चुके हैं और आम नागरिक माइनस 20 डिग्री की कड़ाके की ठंड में बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाओं के बिना जीवन जीने को मजबूर हैं. उन्होंने यूक्रेन के नागरिकों से हिम्मत न हारने और अपनी आज़ादी व संस्कृति की रक्षा के लिए डटे रहने की अपील की.

दूसरे देशों पर हमला करना वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक

सिकोरस्की ने व्लादिमीर पुतिन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और शक्ति प्रदर्शन के चलते दूसरे देशों पर हमला करना वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक है. इसका असर सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की जियो-पॉलिटिक्स पर पड़ता है. उन्होंने रूस और चीन की बढ़ती नजदीकी पर भी चिंता जताई. सिकोरस्की के मुताबिक रूस धीरे-धीरे आर्थिक रूप से चीन पर निर्भर होता जा रहा है, जो लंबे समय में उसकी संप्रभुता और रणनीतिक स्वतंत्रता के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.

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अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करें यूरोपीय देश

नाटो और यूरोप की सुरक्षा पर बोलते हुए पोलैंड के उप प्रधानमंत्री ने कहा कि अब यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करना होगा. पोलैंड सहित कई देशों ने अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है और यूक्रेन को सैन्य सहायता दी है. उन्होंने बताया कि पोलैंड यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने वाले शुरुआती देशों में शामिल रहा है. यूक्रेनी शरणार्थियों के मुद्दे पर सिकोरस्की ने कहा कि लाखों यूक्रेनी नागरिक पोलैंड पहुंचे हैं. इससे पोलैंड की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन मानवीय आधार पर देश ने हरसंभव मदद की है.

यूरोप को ज्यादा आत्मनिर्भर बनने की जरूरत

पोलैंड के उप प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि यूक्रेन ने कभी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु हथियार भंडार छोड़ दिया था और बदले में उसकी सुरक्षा की गारंटी दी गई थी. आज उसी देश की सीमाओं का उल्लंघन होना अंतरराष्ट्रीय भरोसे और सुरक्षा वादों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदर्भ में सिकोरस्की ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आते रहे हैं. ऐसे में यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए ज्यादा आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है. सत्र के दौरान यूरोपियन यूनियन की साझा रक्षा नीति, ड्रोन और साइबर हमलों, हाइब्रिड वॉर, चीन की भूमिका और भविष्य की वैश्विक राजनीति जैसे अहम विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.

First published on: Jan 18, 2026 07:05 PM

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