Jodhpur Boy Died After Transgender Operation: राजस्थान के जोधपुर से एक दुखद और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 19 साल के लड़के की ऑपरेशन के बाद तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। हैरान करने वाली बात यह है कि इस लड़के ने ट्रांसजेंडर बनने के लिए ऑपरेशन करवाया था, जिसके लिए वह दिल्ली गया था। लेकिन ऑपरेशन के बाद लड़के की तबियत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लड़के के परिवार ने मंडोर थाने में किन्नरों के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। परिजनों ने किन्नरों पर जबरन लिंग परिवर्तन का आरोप लगाया है।
ऑपरेशन के लिए परिवार को किया इमोशनल ब्लैकमेल
पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के परिवार ने बताया कि मेहरा चौक के रहने वाले वासुदेव मेहरा का बेटा ध्रुव पिछले कुछ समय से किन्नरों के संपर्क में था। ध्रुव को ऐसा लगता था कि वह खुद एक किन्नर है। वह अपने परिवार को छोड़कर किन्नरों के साथ रहने लगा था। इसके अलावा, ध्रुव पूरी तरह से किन्नर बनने के लिए अपना ऑपरेशन करवाना चाह रहा था। लेकिन, उसके सामने एक समस्या थी कि उसके परिवार के लोग इस बात के लिए राजी नहीं थे। क्योंकि 21 साल तक के लोगों को लिंग परिवर्तन के ऑपरेशन के लिए परिजनों की सहमति जरूरी है। ऐसे में वह लगातार अपने परिवार को इसके लिए मना रहा था। अपने परिवार की हां के लिए वह न सिर्फ उन्हें धमकाता था, बल्कि इमोशनल ब्लैकमेल भी करता था।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत फिर मौत
मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि जिन किन्नरों के साथ ध्रुव रह रहा था, दो दिन पहले वहीं किन्नर ने ध्रुव को गुपचुप तरीके से दिल्ली ले जाकर उसका ट्रांसजेंडर बनने के लिए ऑपरेशन करवा दिया। ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
जबरन लिंग परिवर्तन का आरोप
इसके बाद किन्नर उसे एंबुलेंस में लेकर मंडोर किन्नर खाने पहुंच गए। किन्नरों ने ध्रुव के परिवार को फोन करके बताया कि उनके बेटे की मौत हो गई है और वे ध्रुव के शव को यहां से ले जाएं। इसके बाद परिजन मंडोर थाने पहुंचे और किन्नर के खिलाफ लिखित शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया, जहां शव का आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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मोर्चरी के बाहर परिवार ने दिया धरना
मोर्चरी के बाहर ध्रुव के परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि अवैध तरीके से ध्रुव का ऑपरेशन करवाया गया। इसके अलावा, ट्रांसजेंडर के लिए काम करने वाली संस्था संभाली ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं का कहना है कि डेढ़ साल से ध्रुव किन्नरों के साथ काम कर रहा था और उसने करीब 5 से 7 लाख रुपए कमा रखे थे। उसके पास बहुत सारा सोना था, जो उनके परिजनों को दिया जाए। मोर्चरी के बाहर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।