राजस्थान में कांग्रेस के तीन सांसदों द्वारा अपनी सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) की राशि दूसरे राज्य में खर्च किए जाने को लेकर बीजेपी के आरोपों के बीच भजनलाल सरकार के मंत्री के. के विश्नोई का चौंकाने वाला बयान सामने आया है. मंत्री विश्नोई ने इस मुद्दे पर पार्टी लाइन से हटकर बात करते हुए इसे गलत ठहराने से इनकार किया है.
मीडिया से बातचीत में मंत्री विश्नोई ने कहा कि अब देश और प्रदेश की सीमाओं से ऊपर उठकर सोचने का समय आ गया है. उन्होंने कहा, ‘हम पूरे देश को एक यूनिट मानकर चल रहे हैं. जब हम विकसित भारत की बात कर रहे हैं, तो ऐसे में अगर कोई सांसद अपनी निधि देश के किसी दूसरे हिस्से में खर्च करता है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है.’
बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय द्वारा इसे गलत बताकर इसे राजनीतिक रूप से गलत बताए जाने के सवाल पर मंत्री विश्नोई ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हर व्यक्ति की अपनी सोच पर निर्भर करता है.
उन्होंने कहा, ‘अलग-अलग लोगों की अलग-अलग सोच हो सकती है, लेकिन यह मेरा निजी मानना है कि इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.’
मंत्री के इस बयान को सियासी हलकों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि बीजेपी जहां इस मुद्दे पर कांग्रेस पर हमलावर है, वहीं सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का ऐसा रुख पार्टी के आधिकारिक बयान से अलग नजर आ रहा है. विपक्ष इसे बीजेपी के भीतर मतभेद के तौर पर पेश कर सकता है, जबकि सत्तारूढ़ दल के लिए यह बयान असहज स्थिति पैदा कर सकता है.
गौरतलब है कि बीजेपी ने कांग्रेस के तीन सांसदों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी संसदीय क्षेत्र विकास निधि की राशि अपने क्षेत्र के बजाय दूसरे राज्य में खर्च करने की सिफारिश की, जिसे पार्टी ने जनता के साथ अन्याय बताया है. इस पूरे मामले ने अब राजस्थान की राजनीति में नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है.










