मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित प्रभावों को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सभी राज्यों के साथ चर्चा से एक दिन पहले राजस्थान में बड़ी प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली. सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें मौजूदा परिस्थितियों और उनके संभावित असर पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक में सरकार ने विपक्षी दलों के नेताओं से जमीनी हालात की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि किसी भी संकट की स्थिति में आम जनता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी. मुख्यमंत्री शर्मा का दावा 'स्थिति नियंत्रण में, घबराने की जरूरत नहीं'. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह स्थिति किसी सरकार या राजनीतिक दल की वजह से नहीं बनी है. प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सभी कलेक्टरों को निगरानी के निर्देश दिए जा चुके हैं. उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं, सिर्फ सतर्क रहने की आवश्यकता है.
सख्त कार्रवाई के संकेत
सरकार ने साफ किया कि अवैध भंडारण और कालाबाज़ारी करने वालों पर अब और कड़ी कार्रवाई होगी. आम जनता को भी जागरूक किया जाएगा संकट के समय सहयोग करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
रसोई गैस और जरूरी सेवाओं पर फोकस
बैठक में विपक्ष ने सबसे बड़ा मुद्दा रसोई गैस की कीमत और आपूर्ति को लेकर उठाया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नेताओं ने सुझाव दिया कि सरकार तुरंत अधिकारियों को फील्ड में भेजे. जमीनी हकीकत के आधार पर एक्शन प्लान तैयार करे. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास जो रिपोर्ट दी जा रही है उसमें और जमीनी हकीकत में जमीन आसमान का अंतर है लोग रसोई गैस नहीं मिलने से बेहाल परेशान है.
शादियों वाले परिवारों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. वही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के चलते छोटे-बड़े होटल-रेस्टोरेंट और उद्योगों पर भी इसका बड़ा असर हो रहा है. भीलवाड़ा और जयपुर की टेक्सटाइल फैक्ट्री में कमर्शियल गैस उपलब्ध नहीं होने के चलते फैक्ट्रियां बंद पड़ी है नतीजा मजदूर पलायन को मजबूर हैं.
कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
विपक्ष का कहना था कि समय रहते तैयारी जरूरी है, ताकि आम लोगों को गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी जरूरतों में दिक्कत न हो.बैठक में जुली ने कहा कि मौजूदा स्थिति में विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है, साथ ही वैकल्पिक संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया. इजरायल-ईरान तनाव के संभावित असर को देखते हुए राजस्थान सरकार और विपक्ष के बीच यह समन्वय दिखाता है कि संकट की घड़ी में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता के हित को प्राथमिकता दी जा रही है.
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित प्रभावों को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सभी राज्यों के साथ चर्चा से एक दिन पहले राजस्थान में बड़ी प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली. सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें मौजूदा परिस्थितियों और उनके संभावित असर पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक में सरकार ने विपक्षी दलों के नेताओं से जमीनी हालात की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि किसी भी संकट की स्थिति में आम जनता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी. मुख्यमंत्री शर्मा का दावा ‘स्थिति नियंत्रण में, घबराने की जरूरत नहीं’. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह स्थिति किसी सरकार या राजनीतिक दल की वजह से नहीं बनी है. प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सभी कलेक्टरों को निगरानी के निर्देश दिए जा चुके हैं. उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं, सिर्फ सतर्क रहने की आवश्यकता है.
सख्त कार्रवाई के संकेत
सरकार ने साफ किया कि अवैध भंडारण और कालाबाज़ारी करने वालों पर अब और कड़ी कार्रवाई होगी. आम जनता को भी जागरूक किया जाएगा संकट के समय सहयोग करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
रसोई गैस और जरूरी सेवाओं पर फोकस
बैठक में विपक्ष ने सबसे बड़ा मुद्दा रसोई गैस की कीमत और आपूर्ति को लेकर उठाया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नेताओं ने सुझाव दिया कि सरकार तुरंत अधिकारियों को फील्ड में भेजे. जमीनी हकीकत के आधार पर एक्शन प्लान तैयार करे. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास जो रिपोर्ट दी जा रही है उसमें और जमीनी हकीकत में जमीन आसमान का अंतर है लोग रसोई गैस नहीं मिलने से बेहाल परेशान है.
शादियों वाले परिवारों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. वही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के चलते छोटे-बड़े होटल-रेस्टोरेंट और उद्योगों पर भी इसका बड़ा असर हो रहा है. भीलवाड़ा और जयपुर की टेक्सटाइल फैक्ट्री में कमर्शियल गैस उपलब्ध नहीं होने के चलते फैक्ट्रियां बंद पड़ी है नतीजा मजदूर पलायन को मजबूर हैं.
कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
विपक्ष का कहना था कि समय रहते तैयारी जरूरी है, ताकि आम लोगों को गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी जरूरतों में दिक्कत न हो.बैठक में जुली ने कहा कि मौजूदा स्थिति में विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है, साथ ही वैकल्पिक संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया. इजरायल-ईरान तनाव के संभावित असर को देखते हुए राजस्थान सरकार और विपक्ष के बीच यह समन्वय दिखाता है कि संकट की घड़ी में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता के हित को प्राथमिकता दी जा रही है.